12 साल में पांच किलोमीटर से आगे नहीं बढ़ पाई सीर खड्ड की चैनेलाइजेशन

Update: 2026-07-23 12:23 GMT
घुमारवीं। सीर खड्ड का चैनेलाइजेशन न होने के कारण बरसात में भयंकर बाढ़ का खतरा बरकरार है। सीर खड्ड में करीब 12 सालों में केवल 5 किलोमीटर तक ही चैनलाइजशन हो पाई है। इन 12 सालों में 5 किलोमीटर से आगे एक ईंच तक खड्ड की चैनेलाइजेशन खिसक नहीं पाई है। इससे बिलासपुर जिला में बरसात के मौसम में हर साल सबसे अधिक तबाही मचाने वाली सीर खड्ड इस साल भी डराने को तैयार है। हर साल बरसाती मौसम में बाढ़ के दौरान सबसे अधिक तबाही मचाने वाली घुमारवीं की सीर खड्ड ही है। हालांकि बम्म से लेकर जाहू तक पांच किलोमीटर दायरे में सीर खड्ड के दोनों ही किनारों पर चैनलाईजेशन किया गया है, लेकिन आगे घुमारवीं और झंडूता के बलघाड़ तक खड्ड को करीब 20 किलोमीटर चैनलाइज करने के लिए आईपीएच महकमे ने मसला सेंटर वाटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) को भेजा है।
जहां से अप्रूव होने के बाद मामला फाइनांस में अटक गया है। फाइनांस से अप्रूवल मिलने के बाद ही सीर खड्ड का चैनेलाइजेशन का काम शुरू हो सकेगा। जाहू से लेकर बम्म तक पांच किलोमीटर के दायरे में किए गए चैनेलाइजेशन के बावजूद भी सीर खड्ड में बरसात के मौसम में बाढ़ का खतरा नहीं टला है। सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि को हर साल तबाह कर रही सीर खड्ड नुकसान करने में कोई कसर नहीं छोड़ती। बताते चलें कि घुमारवीं की जीवनी रेखा कही जाने वाली सीर खड्ड हर साल बारिश के मौसम में तबाही मचाती है। किसानों की सैंकड़ों बीघा भूमि को बहाकर ले जाने वाली सीर खड्ड की चैनेलाइजेशन बम्म से आगे नहीं हो सकी है। सीर खड्ड पर महज जाहू से लेकर बम्म तक ही चैनेलाइजेशन हुआ है। जिससे बारिश का मौसम शुरू होने पर बाढ़ का खतरा मंडराना शुरू हो जाता है। हर साल सैंकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि पानी के बहाव में बह जाती है। इसके अलावा रही सही कसर खनन माफिया ने पूरी कर दी है। खनन से सीर खड्ड का जलस्तर नीचे गिर गया है। जिससे बारिश के मौसम में बाढ़ का खतरा अधिक बढ़ रहा है। इस लिए ध्यान देना बहुत जरूरी है।
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