VIDEO BREAKING: थाई मांगुर मछली की अवैध तस्करी, दो आरोपी गिरफ्तार
जनता से रिश्ता की खबर का असर जिला प्रशासन ने तीन टन मछली किया नष्ट
Narsinghpur. नरसिंहपुर। पूरे भारत में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली के अवैध परिवहन पर मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बीती देर रात नागपुर से नर्मदापुरम ले जाई जा रही थाई मांगुर मछली को पकड़ते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। मौके पर दो पिकअप वाहन जब्त किए गए और लगभग तीन टन मछली नष्ट कर दी गई। मामले की जानकारी देते हुए नरसिंहपुर मत्स्य विभाग की एडीएम कविता चौरसिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सतीश परिहार और सतीश गौर निवासी नागपुर, महाराष्ट्र हैं। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है और उनसे पूछताछ जारी है।
भारत सरकार द्वारा थाई मांगुर मछली को पकड़ने, बेचने, खाने और परिवहन करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके कुछ लोग मुनाफा कमाने के उद्देश्य से अवैध तरीके से इस मछली का व्यापार करते हैं। इसी अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के लिए नरसिंहपुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया था। इसी अभियान के तहत पुलिस को यह सफलता मिली। पुलिस ने बताया कि मछली को पकड़ने के बाद सुरक्षित जगह पर नष्ट किया गया, ताकि यह किसी भी तरह से अवैध बाजार में न पहुंच सके। पुलिस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध मुनाफाखोरी रोकना ही नहीं बल्कि पर्यावरण और मछली संरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी है। नरसिंहपुर एसपी ने बताया कि मछली अवैध व्यापार के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
राज्य में पर्यावरण और जैव विविधता की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर की जाती रहेगी। यह कदम नाराजगी और लापरवाही से होने वाले अवैध मछली व्यापार पर कड़ा संदेश है। मछली व्यापारियों और आम जनता को भी चेतावनी दी गई है कि किसी भी तरह का अवैध थाई मांगुर मछली का कारोबार या परिवहन करना गंभीर अपराध है। ऐसा करने पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही मत्स्य विभाग और पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है। इस कार्रवाई से यह संदेश मिलता है कि नरसंहपुर प्रशासन और पुलिस प्रतिबंधित मछली के अवैध व्यापार पर किसी भी कीमत पर सहनशील नहीं हैं। आगामी समय में भी इस प्रकार के अवैध व्यापार की रोकथाम और जैविक संसाधनों के संरक्षण के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे। इस सफलता से यह साबित होता है कि प्रशासन अवैध मछली व्यापार और पर्यावरण सुरक्षा को गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की जाएगी।