BREAKING: अयोध्या राम मंदिर का धार्मिक कार्यभार संभालेंगे पांच संत
ट्रस्ट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
Ayodhya. अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों को लेकर बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर की व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। ट्रस्ट ने फैसला किया है कि जब तक मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक अयोध्या के पांच प्रमुख संत मंदिर के धार्मिक कार्यों और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। ट्रस्ट के सीईओ के चयन में अभी करीब एक महीने का समय लगने की संभावना है।
राम मंदिर में चंदा चोरी से जुड़े मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही थी। बैठक में मंदिर की पारदर्शिता, संचालन व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। ट्रस्ट ने तय किया कि मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं की देखरेख संतों के मार्गदर्शन में की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की परंपराओं को मजबूती मिल सके। बैठक में धार्मिक समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया। इस समिति की अध्यक्षता ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी करेंगे। समिति में देश के कई प्रमुख संतों और धर्माचार्यों को शामिल किया गया है। इसमें स्वामी रामानंद दास, महंत राजकुमार दास, स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ, स्वामी मिथिलेशनंदनी शरण, स्वामी कमलनयन दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी दिनेंद्रदास के नाम शामिल हैं।
ट्रस्ट का मानना है कि धार्मिक समिति के गठन से मंदिर की पूजा पद्धति, धार्मिक आयोजनों और परंपराओं से जुड़े निर्णयों को बेहतर तरीके से लिया जा सकेगा। समिति संतों के अनुभव और मार्गदर्शन के आधार पर मंदिर की धार्मिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम करेगी। इससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक अनुभव उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बैठक में समाज के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए ट्रस्ट के प्रवक्ता की नियुक्ति का भी फैसला किया गया। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर से जुड़ी जानकारियों को समय-समय पर आम लोगों तक पहुंचाने के लिए एक आधिकारिक माध्यम जरूरी है। इसके अलावा ट्रस्ट में खाली पड़े पदों को जल्द भरने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके।
राम मंदिर ट्रस्ट में सचिव पद रखने का भी फैसला किया गया है। इसके साथ ही वर्तमान व्यवस्था के तहत कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। नए पदों और जिम्मेदारियों को लेकर आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को आयोजित होगी। इस बैठक में मंदिर संचालन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। ट्रस्ट लगातार मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। ऐसे में मंदिर की धार्मिक व्यवस्था को अनुभवी संतों के हाथों में सौंपने का फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रस्ट की कोशिश है कि मंदिर की परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखते हुए आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत की जाए। राम मंदिर ट्रस्ट की इस बैठक के बाद अब सभी की नजरें नए सीईओ की नियुक्ति और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मंदिर प्रशासन में कई और बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।