New Delhi. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली एक बार फिर बम धमाके की झूठी धमकी से दहल गई। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट, स्कूलों और कई संस्थानों को ईमेल के माध्यम से बम रखने की चेतावनी दी गई। इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच शुरू कर दी गई। जैसे ही एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों को धमकी भरा मेल मिला, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पर निगरानी रखी गई। स्कूलों और संस्थानों से बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि अब तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।


दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में मेल भेजने वाले की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस इसके स्रोत की छानबीन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में बम धमाकों की झूठी धमकियों के कई मामले सामने आए हैं। पिछले कुछ घटनाक्रमों में 20 सितंबर को दिल्ली के कई स्कूलों को बम धमकी मिली थी। धमकी पाए गए स्कूलों में नजफगढ़ का कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार के समीप सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल और द्वारका का डीपीएस स्कूल शामिल थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सभी स्कूलों को खाली कराया और परिसरों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी स्कूल से संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।


इसी तरह, 13 सितंबर को दिल्ली के शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स के तीन अस्पतालों को बम धमकी मिली थी। मैक्स हॉस्पिटल के सेंटर ऑफिस को प्राप्त ईमेल में स्पष्ट लिखा था कि अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि, जांच में यह अफवाह साबित हुई। एक दिन पहले, 12 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी भरा एक ईमेल मिला था। इस ईमेल में स्पष्ट रूप से लिखा गया था, "उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को आपके दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका पिछले झांसों का संदेह दूर कर देगा। दोपहर के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा।" इस धमकी के बाद दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी थी। इस तरह के झूठे धमकी भरे ईमेल का मकसद केवल अफरा-तफरी फैलाना होता है और इसका कोई वास्तविक खतरा नहीं होता। लेकिन दिल्ली पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है और मेल की जांच में जुटी है।


एयरपोर्ट, स्कूल और अस्पतालों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट पर यात्रियों को स्क्रीनिंग बढ़ाकर सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। स्कूलों में बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए सभी प्रांगण खाली कराए गए हैं। अस्पतालों में भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के झूठे धमकी भरे ईमेल पिछले साल से लगातार मिल रहे हैं। इनकी जांच करने के लिए साइबर क्राइम टीम और विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि झूठी धमकियों की जांच में साइबर साक्ष्य और ईमेल ट्रेसिंग का प्रयोग किया जा रहा है। Delhi Police के डिविजनल ऑफिसर ने बताया कि इस साल अब तक 15 से अधिक झूठी धमकियों के मामले सामने आ चुके हैं।


सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नागरिकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी संदिग्ध ईमेल या संदेश मिलने पर तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित किया जाना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। इसके अलावा पुलिस ने कहा कि झूठी धमकी देने वाले अपराधी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार झूठी धमकियों के पीछे साइबर अपराधी, मानसिक संतुलन से परेशान लोग या
राजनीतिक मकसद
से ऐसे ईमेल भेजते हैं। इनसे वास्तविक सुरक्षा खतरा नहीं होता, लेकिन अफरा-तफरी फैलती है और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रहना पड़ता है। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहना आवश्यक है। एयरपोर्ट, स्कूल और अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने के उपाय तुरंत लागू किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक नागरिकों को संयम बरतना चाहिए। ईमेल की गहन जांच के बाद ही धमकी देने वाले की पहचान कर गिरफ्तार किया जा सकेगा।
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