BIG BREAKING: सुखविंदर सिंह कलकत्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, फैली सनसनी
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Barnala. बरनाला। पंजाब के बरनाला जिले में शनिवार को दिनदहाड़े एक सनसनीखेज हत्या की घटना सामने आई, जिसमें पूर्व सरपंच की पुत्री सुखविंदर सिंह कलकत्ता (42) को गोलियों से भून दिया गया। यह घटना शाम करीब 4 बजे गांव शैहणा के बस स्टैंड पर हुई। हत्या के समय सुखविंदर सिंह वहां की एक दुकान में बैठे थे और दोस्तों के साथ बातचीत कर रहे थे। घटना की जानकारी के अनुसार, हमलावर कार में सवार होकर मौके पर पहुंचे और सीधे सुखविंदर सिंह पर फायरिंग कर दी। गोली उनके गले और पैरों में लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुखविंदर ने बचने की कोशिश की, लेकिन गोली गले में लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुखविंदर सिंह की मां गुरमीत कौर पहले सरपंच रह चुकी हैं। मृतक खुद भी सामाजिक एवं राजनीतिक मामलों में सक्रिय थे। वह सोशल मीडिया पर अक्सर विभिन्न राजनीतिक दलों की आलोचना करते रहते थे। इस वजह से हत्याकांड को राजनीतिक रंजिश से जोड़कर देखने का सुझाव दिया जा रहा है।
घटना का घटनाक्रम
बताया गया है कि सुखविंदर सिंह बस स्टैंड के पास बने एक दफ्तर में बैठे थे। इसी दौरान गांव का ही एक व्यक्ति कार में सवार होकर वहां पहुंचा। वह सीधे दफ्तर के भीतर गया और पिस्टल निकालकर सुखविंदर पर नजदीक से गोली चला दी। गोली लगने के तुरंत बाद हमलावर वहां से फरार हो गया। पुलिस के प्रारंभिक सर्वेक्षण में यह जानकारी मिली है कि दोनों के बीच लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि हत्या से पहले उनका झगड़ा हुआ था।
ग्रामीणों का विरोध और हाईवे जाम
हत्या की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने बरनाला-फरीदकोट हाईवे को जाम कर दिया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि घटना स्थल शैहना पुलिस स्टेशन से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है, फिर भी सरेआम हत्या की गई और आरोपी आसानी से फरार हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस के शव पोस्टमॉर्टम ले जाने के प्रयास का भी विरोध किया। उनका कहना था कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, शव को अस्पताल नहीं ले जाया जाए।
पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था
बरनाला पुलिस के SP (D) अशोक शर्मा के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मृतक के परिजन से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही, इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अशांति न फैले।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग न केवल आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं बल्कि यह भी सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस स्टेशन इतनी पास होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना को रोकने में असफल कैसे रही। सुखविंदर के मित्र और ग्रामीणों ने कहा — “सुखविंदर हमेशा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहते थे। उनकी हत्या से गांव में डर का माहौल है। हम चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपी को पकड़कर न्याय दिलाए।”
राजनीतिक रंजिश की आशंका
सुखविंदर सिंह सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों की आलोचना करते थे। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि उनकी हत्या राजनीतिक विरोध या व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते की गई हो। पुलिस इस कोण की भी जांच कर रही है कि हत्या से पहले सोशल मीडिया या लेन-देन को लेकर कोई खतरा या धमकी मिली थी या नहीं। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर योजना बनाकर किसी भी सार्वजनिक स्थल पर हमला करते हैं ताकि डर और आतंक का माहौल कायम किया जा सके। इसलिए, पुलिस को त्वरित कार्रवाई और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच करनी होगी।