नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत राजधानी की अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 53 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं पर कुल 214.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार इन विकास कार्यों से किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों में रहने वाले करीब 1.75 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, नाली, सीवरेज और जल निकासी जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। सरकार की योजना इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिल सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी के प्रत्येक हिस्से में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि विकास केवल चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ दिल्ली की हर गली और हर इलाके तक पहुंचना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याएं बनी हुई थीं, वहां अब योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर सड़क, जल निकासी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
रेखा गुप्ता ने सड़क, नाली, सीवरेज और जल निकासी को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान या स्थिति के आधार पर वहां रहने वाले लोगों को आवश्यक नागरिक सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। सरकार इसी सोच के साथ अनधिकृत कॉलोनियों में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है।‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत शुरू की गई इन 53 परियोजनाओं में राजधानी के पांच विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट के विभिन्न इलाकों में इन विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अनधिकृत कॉलोनियों में रहते हैं और लंबे समय से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग की जाती रही है।
करीब 214.12 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इनका सीधा लाभ करीब 1.75 लाख लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है। सरकार का जोर उन समस्याओं के समाधान पर है जिनका सामना स्थानीय लोगों को दैनिक जीवन में करना पड़ता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि निर्माण के बाद लोगों को लंबे समय तक इनका लाभ मिल सके।अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क और जल निकासी की समस्या स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती रही है। खासकर बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव जैसी परेशानियां सामने आती हैं। नालियों और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होने से इन समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसी तरह बेहतर सड़कों के निर्माण से लोगों की आवाजाही आसान होगी। कॉलोनियों के भीतर सड़क व्यवस्था मजबूत होने से रोजाना काम, स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सीवरेज से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के सभी क्षेत्रों का समान रूप से विकास होना चाहिए। सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि बुनियादी नागरिक सुविधाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्षों से विकास कार्यों की जरूरत महसूस की जा रही थी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं में शामिल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजधानी में विकास का अर्थ केवल बड़े निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं में सुधार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सड़क, नाली, सीवरेज और जल निकासी जैसी सुविधाएं सीधे तौर पर लोगों के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।इन 53 विकास परियोजनाओं के माध्यम से सरकार पांच विधानसभा क्षेत्रों की अनधिकृत कॉलोनियों में इसी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद स्थानीय निवासियों को बेहतर सड़क और जल निकासी जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत राजधानी में नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसी क्रम में अनधिकृत कॉलोनियों के लिए बड़े स्तर पर विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई है।किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों में शुरू होने वाले इन कार्यों को स्थानीय जरूरतों के आधार पर तैयार किया गया है। इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से बड़ी आबादी को प्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की कोशिश दिल्ली के हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाने की है। उन्होंने दोहराया कि राजधानी की किसी भी गली या इलाके को बुनियादी सुविधाओं के मामले में पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।कुल मिलाकर ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत 214.12 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई 53 परियोजनाएं दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित हैं। करीब 1.75 लाख लोगों को इनसे लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस सड़क, नाली, सीवरेज और जल निकासी जैसी जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाकर इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर है।
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