BIG BREAKING: सदन में एंटी पेपर लीक बिल पर राहुल गांधी का हमला
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New Delhi. नई दिल्ली। लोकसभा में राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया और हंगामा शुरू हो गए है। आपको बता दें कि जहां 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर चर्चा चल रही है। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के युवाओं की आवाज़ को दबाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल के छात्र आंदोलनों को गुस्से, हिंसा या नफरत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी और सकारात्मक अभिव्यक्ति है। राहुल गांधी ने कहा कि जिस तरह देश के युवा अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरे, वह लोकतंत्र की ताकत और भविष्य की दिशा को दर्शाता है।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि वह युवाओं की भागीदारी और उनके साहस को देखकर बेहद उत्साहित और आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा और उसने अपनी भावनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त किया। यह किसी प्रकार का गुस्सा, हिंसा या नफरत नहीं थी, बल्कि अपने अधिकारों और बेहतर व्यवस्था की मांग करने वाली नई पीढ़ी की आवाज़ थी। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का उल्लेख करते हुए कहा कि बीजेपी में उनके जो मित्र हैं, उन्हें अपने घर जाकर अपने बच्चों से पूछना चाहिए कि छात्र जिस मुद्दे को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं, उस पर उनकी क्या राय है। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बीजेपी नेताओं के बच्चे भी छात्रों की भावनाओं और उनके आंदोलन से सहमत होंगे। उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ उसमें कुछ भी गलत नहीं था और हर भारतीय को छात्रों के इस जागरूक रवैये पर गर्व होना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि आज देश के छात्रों और युवाओं को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल अपने भविष्य की चिंता नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की भी मांग कर रहे हैं। युवाओं का सम्मान करना लोकतंत्र की मूल भावना है और उनकी आवाज़ को अनसुना करना देश के भविष्य को कमजोर करना होगा।
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का गुस्सा पूरी तरह जायज है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की भावनाओं को समझने के बजाय उन्हें कमतर आंकती है और उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित करती है। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा देश का भविष्य हैं और हर भारतीय को उन पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज का युवा दुनिया में तेजी से हो रहे बदलावों को समझ रहा है और वह अपने अधिकारों, अवसरों तथा पारदर्शी व्यवस्था के प्रति पहले से अधिक जागरूक है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि युवा हमेशा सच्चाई के पीछे दौड़ता है और उसके लिए सच्चाई सबसे महत्वपूर्ण होती है। नई पीढ़ी खुले दिल और खुले विचारों के साथ आगे बढ़ना चाहती है। ऐसे में सरकार और सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है कि वे युवाओं की भावनाओं को समझें, उनका सम्मान करें और ऐसी व्यवस्था तैयार करें जिसमें छात्रों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए बार-बार सड़कों पर उतरने की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी सबसे बड़ी ताकत होती है और यदि देश के भविष्य की आवाज़ को सम्मान मिलेगा, तभी भारत एक मजबूत, पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था की ओर आगे बढ़ सकेगा। राहुल गांधी के इस बयान को एंटी पेपर लीक बिल पर चल रही चर्चा के दौरान विपक्ष के प्रमुख राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।