BIG BREAKING: गुजरात-राजस्थान सीमा पर 3.6 तीव्रता का भूकंप

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Update: 2025-08-09 17:48 GMT
Gujarat. गुजरात। गुजरात और राजस्थान की सीमा के आसपास शनिवार रात 9 बजकर 3 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई। इसका केंद्र बिंदु गुजरात के पालनपुर से 31 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित था। भूकंप का केंद्र सतह से अपेक्षाकृत कम गहराई पर होने के कारण इसके झटके आसपास के जिलों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए।
भूकंप के झटके सबसे ज्यादा गुजरात के बनासकांठा जिले में महसूस किए गए। यहां कई तहसीलों में लोगों ने जमीन हिलने का अनुभव किया। झटकों के दौरान घबराहट में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और काफी देर तक खुले स्थानों पर खड़े रहे। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने पुष्टि की है कि अब तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
राजस्थान में भी महसूस हुए झटके
भूकंप का असर गुजरात से सटे राजस्थान के क्षेत्रों में भी महसूस किया गया। विशेष रूप से माउंट आबू और आसपास के इलाकों में लोगों ने झटके महसूस किए। माउंट आबू के अलावा गिरवर, आकराभट्टा, मानपुर सहित कई जगहों से भूकंप आने की पुष्टि लोगों ने की।
माउंट आबू की एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया ने बताया कि रात करीब 9 बजकर 3 मिनट पर भूकंप का झटका महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि तुरंत स्थिति का जायजा लिया गया, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
पूर्व में भी आ चुके हैं झटके
गौरतलब है कि इससे पहले 7 अगस्त को भी राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र में भूकंप आया था। उस समय सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी पुष्टि की थी। लगातार कुछ दिनों में दो बार झटके महसूस होने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
भूकंप के बाद प्रशासन की सतर्कता
गुजरात और राजस्थान दोनों राज्यों के जिला प्रशासन ने भूकंप के बाद स्थिति पर नजर बनाए रखी है। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। ग्रामीण इलाकों में पटवारियों और ग्राम सेवकों के माध्यम से लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है कि कहीं कोई घर या इमारत क्षतिग्रस्त तो नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी संभावित आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद आने वाले झटके) की स्थिति में वे सुरक्षित स्थान पर रहें और भारी सामान से दूर रहें।
वैज्ञानिकों की चेतावनी और सुझाव
भूगर्भ वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तीव्रता का भूकंप सामान्यतः बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन यह संकेत है कि धरती के भीतर हलचल जारी है। विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे झटकों के बाद कभी-कभी बड़े भूकंप भी आ सकते हैं, इसलिए भूकंपीय क्षेत्रों में हमेशा सतर्क रहना चाहिए। भूकंप विज्ञान केंद्र ने यह भी कहा है कि भूकंप की सटीक भविष्यवाणी करना संभव नहीं है, लेकिन लोगों को भूकंप के दौरान और बाद में पालन करने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक रहना जरूरी है।
भूकंप के दौरान बरतें ये सावधानियां
यदि आप घर के अंदर हैं तो मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे शरण लें।
दरवाजों और खिड़कियों से दूर रहें।
बाहर हैं तो इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य संरचनाओं से दूर रहें।
भूकंप रुकने के बाद ही सुरक्षित स्थान से बाहर निकलें।
रेडियो, टीवी या मोबाइल के माध्यम से प्रशासनिक निर्देशों पर ध्यान दें।
लोगों की प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने झटकों को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। किसी ने जमीन हिलने का वीडियो पोस्ट किया, तो किसी ने अपने घर में लटकते पंखों और लाइटों के हिलने की तस्वीरें डालीं। हालांकि, कुछ लोगों ने हल्के अंदाज में इसे लेकर चुटकी भी ली और कहा कि "धरती ने भी शनिवार की रात की पार्टी में हिस्सा ले लिया।"
अंतरराज्यीय क्षेत्रों में भूकंप का असर
गुजरात और राजस्थान के बीच स्थित यह इलाका कभी-कभी भूकंपीय गतिविधियों के कारण चर्चा में आ जाता है। यहां की भूगर्भीय संरचना और अरावली पर्वतमाला के नजदीक होने के कारण भी हलचल दर्ज की जाती रही है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के छोटे झटके प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इस घटना के बाद दोनों राज्यों के प्रशासन ने राहत की सांस ली कि कोई नुकसान नहीं हुआ। फिर भी, यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयारी और जागरूकता जरूरी है।
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