Khairagarh. खैरागढ़। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान को जिलेभर में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में 21 अगस्त 2026 को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस टीमों ने करीब 1800 विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, OTP फ्रॉड, UPI और बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अपराध, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से बचने के तरीके बताए गए। पुलिस टीमों ने लोगों को समझाइश दी कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने विशेष रूप से बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी कि बैंकिंग या UPI से संबंधित किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा और गोपनीयता सेटिंग्स को मजबूत रखने की भी अपील की गई।
विद्यार्थियों और नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या अन्य जांच एजेंसी का सदस्य बताकर लोगों को डराने का प्रयास करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए और किसी भी दबाव में पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। कार्यक्रमों में पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर पीड़ित व्यक्ति को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। साइबर अपराध की सूचना जल्द देने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए नागरिकों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी गई।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे खुद साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों, सहकर्मियों तथा आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। सामूहिक प्रयासों से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं, इसलिए हर व्यक्ति को सावधान रहना जरूरी है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा। अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों और नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना है।