Punjab पंजाब: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्विनी शर्मा ने विधानसभा में अपने बयान को लेकर उठे विवाद के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
अश्विनी शर्मा ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के आरोपों का जवाब देते समय एक पंजाबी कहावत का इस्तेमाल किया था और इसके लिए उन्होंने "पूरी विनम्रता के साथ क्षमा याचना" भी की थी। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, समुदाय या सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं था।
उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हों, तो उन्होंने उन टिप्पणियों को विधानसभा की कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) की भी पेशकश की थी। इसके बावजूद, उनके अनुसार, राज्य सरकार ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया।
अश्विनी शर्मा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव (Condemnation Motion) लाने की घोषणा कर इस मामले का राजनीतिकरण किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक विमर्श का मंच है और वहां निष्पक्षता तथा संसदीय परंपराओं का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि पूरे प्रकरण पर निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाए तथा किसी भी निर्णय में राजनीतिक प्रभाव न हो। शर्मा का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस मुद्दे को लेकर पंजाब की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि विधानसभा में इस मामले को लेकर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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