भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में खेल सुविधाओं के विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इसके लिए सैद्धांतिक रूप से 962.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन खेल परिसरों को **"मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स"** नाम दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना है।
140 विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण और संचालन के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। योजना पर करीब 962.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परिसरों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना है।मध्य प्रदेश में पहले से जिला और विकासखंड स्तर पर विभिन्न स्टेडियम, मिनी स्टेडियम, इनडोर हॉल और खेल प्रशिक्षण केंद्र मौजूद हैं। खेल विभाग के आधिकारिक विवरण में प्रदेश के कई जिलों में मौजूदा तथा निर्माणाधीन खेल सुविधाओं का उल्लेख है। नई योजना इस नेटवर्क को विधानसभा क्षेत्र स्तर तक विस्तारित करने की दिशा में कदम है।
खेल मैदानों में हेलीपैड की भी सुविधा
मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से जुड़ी योजना की एक खास बात हेलीपैड का निर्माण भी है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक PM श्री योजना के तहत हेलीकॉप्टर की आवाजाही के लिए मुख्य मैदान के मध्य हिस्से में पक्का हेलीपैड बनाने का प्रावधान रखा गया है।इस व्यवस्था का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए किया जा सकेगा। सरकार की योजना खेल सुविधाओं के साथ ऐसे बुनियादी ढांचे को विकसित करने की है जिसका आवश्यकता पड़ने पर दूसरे प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए भी उपयोग हो सके।
जावद-नीमच सिंचाई परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में सिंचाई क्षेत्र से जुड़ा बड़ा फैसला भी लिया गया। मंत्रिपरिषद ने नीमच जिले की **जावद-नीमच प्रेशराइज्ड माइक्रो इरिगेशन परियोजना** को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। योजना की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रखी गई है और इसके लिए 4,197.58 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान है।प्रेशराइज्ड माइक्रो इरिगेशन प्रणाली का उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों का अधिक दक्षता से उपयोग करते हुए कृषि क्षेत्रों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना है। इस तरह की परियोजनाओं में दबाव आधारित पाइप नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है।नीमच और आसपास का क्षेत्र कृषि पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में सिंचाई व्यवस्था के विस्तार से किसानों को नियमित जल उपलब्धता देने और कृषि गतिविधियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
सिंचाई परियोजनाओं पर सरकार का जोर
जावद-नीमच परियोजना के साथ कैबिनेट ने सिंचाई से संबंधित अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया। रिपोर्ट के मुताबिक पार्वती-रिन्सी सिंचाई परियोजना से जुड़ा प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहा। सरकार सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नई और मौजूदा परियोजनाओं पर निवेश कर रही है।सिंचाई परियोजनाओं पर होने वाले बड़े निवेश का उद्देश्य कृषि भूमि तक पानी की उपलब्धता बढ़ाना और वर्षा पर निर्भरता को कम करना है। परियोजनाओं का वास्तविक लाभ उनके निर्माण, जल उपलब्धता और वितरण नेटवर्क के समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े फैसले
मंगलवार की कैबिनेट बैठक में केवल खेल और सिंचाई ही नहीं बल्कि राज्य के दूसरे बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक परिवहन और विमानन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। इनमें रतलाम और सिंगरौली में विमानन सुविधाओं से संबंधित निर्णय शामिल हैं।राज्य सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। कैबिनेट के ताजा फैसलों को इसी दिशा में प्रस्तावित निवेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए भी राशि
कैबिनेट के कुल 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों में प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार विधिक सलाह व्यवस्था और उच्च न्यायालय से संबंधित वित्तीय प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा से जुड़े क्षेत्र में भी फैसला लिया गया है। इंदौर में डेंटल कॉलेज के लिए नए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार
140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला युवाओं और खिलाड़ियों से सीधे जुड़ा है। वर्तमान में कई बड़े खेल परिसर जिला मुख्यालयों और प्रमुख शहरों में केंद्रित हैं। विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सुविधाओं के विस्तार से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और अभ्यास का बेहतर अवसर मिल सकता है।सरकार की ओर से 962.50 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन, स्थान चयन और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी। खेल परिसरों में उपलब्ध सुविधाओं का स्वरूप भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तय किया जा सकता है।
कई क्षेत्रों को एक साथ साधने की कोशिश
मोहन यादव सरकार की मंगलवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में कृषि और सिंचाई से लेकर खेल, युवा, बुनियादी ढांचा तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं तक कई क्षेत्र शामिल रहे। कुल 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों की मंजूरी के बाद संबंधित विभागों पर इन योजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा के अनुसार लागू करने की जिम्मेदारी होगी।इन फैसलों में 4,197.58 करोड़ रुपये की जावद-नीमच प्रेशराइज्ड माइक्रो इरिगेशन परियोजना और 962.50 करोड़ रुपये में 140 विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रमुख हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं की प्रगति और जमीनी क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।