वाराणसी। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) में आयोजित राजभाषा पखवाड़ा के तहत मंगलवार को BLW इंटर कॉलेज में हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, आत्मविश्वास और उत्साह विकसित करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी की सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भूमिका पर अपने विचार रखे।BLW के जनरल मैनेजर आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। स्कूल कोऑर्डिनेटर धर्मवीर सिंह, सीनियर ट्रांसलेटर गुरुराजन और विद्यालय के शिक्षकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन किया। इसके बाद भाषण प्रतियोगिता की शुरुआत हुई।
हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाना रहा उद्देश्य
राजभाषा पखवाड़ा के तहत आयोजित प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी के महत्व से परिचित कराना और उन्हें अपने विचार हिंदी में प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना था।स्कूल स्तर पर भाषण प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के भाषा कौशल को विकसित करने के साथ उनके आत्मविश्वास और सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने की क्षमता को भी मजबूत करती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषय दिए गए।प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी के महत्व को अपने-अपने नजरिए से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने भाषा के माध्यम से देश के अलग-अलग क्षेत्रों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने की भूमिका पर विचार रखे।
दो विषयों पर विद्यार्थियों ने रखे विचार
भाषण प्रतियोगिता के लिए दो प्रमुख विषय निर्धारित किए गए थे। पहला विषय था **"हिंदी: विविधता में एकता की वाहक"**, जबकि दूसरा विषय **"हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है"** रखा गया था।दोनों विषय हिंदी की व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिका पर केंद्रित रहे। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों में बताया कि भारत में अनेक भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं और प्रत्येक भाषा का अपना ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक महत्व है।प्रतिभागियों ने इस बात पर भी अपने विचार रखे कि हिंदी देश के विभिन्न हिस्सों में संपर्क भाषा के रूप में किस तरह लोगों के बीच संवाद स्थापित करने में भूमिका निभाती है।
विविधता में एकता पर रहा जोर
"हिंदी: विविधता में एकता की वाहक" विषय पर बोलते हुए विद्यार्थियों ने भारत की भाषाई विविधता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग क्षेत्रों की अपनी भाषा, बोली, परंपरा और संस्कृति है, फिर भी संवाद और आपसी संपर्क लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है।विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से हिंदी को ऐसी भाषाओं में से एक बताया जो देश के कई हिस्सों में लोगों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद करती है।इस दौरान यह संदेश भी सामने आया कि हिंदी को बढ़ावा देने के साथ भारत की अन्य भाषाओं और बोलियों के सम्मान को बनाए रखना भी जरूरी है। भाषाई विविधता भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण विशेषता है।
संस्कृति की अभिव्यक्ति के रूप में हिंदी
दूसरे विषय "हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है" पर प्रतिभागियों ने साहित्य, कविता, कहानी, लोकगीत और दूसरी सांस्कृतिक विधाओं में हिंदी के योगदान को रेखांकित किया।विद्यार्थियों ने कहा कि भाषा केवल बातचीत का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह किसी समाज की स्मृतियों, परंपराओं, विचारों और सांस्कृतिक अनुभवों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों ने बताया कि अनेक साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, मानवीय संवेदनाओं और देश की सांस्कृतिक विविधता को अभिव्यक्ति दी है।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और निर्धारित विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। भाषण देते समय प्रतिभागियों ने भाषा की स्पष्टता, विचारों की क्रमबद्धता और प्रस्तुति पर ध्यान दिया।ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को मंच पर बोलने का अनुभव प्रदान करते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास विकसित होने के साथ भाषा पर पकड़ भी मजबूत होती है।विद्यालय स्तर पर आयोजित भाषण, निबंध, कविता और वाद-विवाद जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के अलावा रचनात्मक तरीके से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं।
राजभाषा पखवाड़ा के तहत आयोजन
BLW में हिंदी के प्रचार-प्रसार और सरकारी कामकाज में राजभाषा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजभाषा से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। हिंदी दिवस और राजभाषा पखवाड़ा के दौरान कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।राजभाषा पखवाड़ा के माध्यम से हिंदी के अधिक प्रभावी प्रयोग के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। भाषण प्रतियोगिता इसी कड़ी का हिस्सा रही।विद्यालय के विद्यार्थियों को कार्यक्रम में शामिल करने से कम उम्र से ही भाषा के प्रति जागरूकता और रुचि विकसित करने का प्रयास किया गया।
भाषा के साथ व्यक्तित्व विकास भी
भाषण प्रतियोगिता केवल हिंदी के प्रचार तक सीमित नहीं रही। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सार्वजनिक मंच पर बोलने, विचारों को व्यवस्थित करने और श्रोताओं के सामने आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने का मौका मिला।भाषण तैयार करने के लिए विद्यार्थियों को संबंधित विषय को समझना, उसके अलग-अलग पहलुओं पर विचार करना और अपनी बात को सीमित समय में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना होता है। यह प्रक्रिया उनके अध्ययन और संचार कौशल दोनों के लिए उपयोगी होती है।इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी के शुद्ध, सरल और सहज प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि भाषा के प्रति सम्मान केवल विशेष दिवस या पखवाड़े तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोजमर्रा के जीवन और कार्य में भी उसका प्रभावी उपयोग होना चाहिए।BLW इंटर कॉलेज में आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के महत्व पर विचार करने और अपनी बात सार्वजनिक मंच पर रखने का अवसर दिया। राजभाषा पखवाड़ा के तहत हुए आयोजन में हिंदी को विविधता, संस्कृति और संवाद से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया गया।
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