हैदराबाद/नई दिल्ली। नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग्स के दुरुपयोग के खिलाफ तेलंगाना में चलाए जा रहे अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में तेलंगाना की एंटी-नारकोटिक्स व्यवस्था को सम्मानित किया गया। केंद्र सरकार ने इस सम्मेलन का आयोजन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के माध्यम से किया था। गृह मंत्रालय ने पहले ही पुष्टि की थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 सितंबर को इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।तेलंगाना पुलिस के अनुसार राज्य के नारकोटिक्स ब्यूरो और ईगल फोर्स ने ANTF के प्रदर्शन के आकलन के लिए निर्धारित सात मानकों पर 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। इसके आधार पर तेलंगाना को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। तेलंगाना ईगल फोर्स के निदेशक संदीप सांडिल्य ने राज्य पुलिस की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह सम्मान प्राप्त किया।
नई दिल्ली में हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन
ANTF प्रमुखों का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन 22 और 23 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया गया है। इसमें देश के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों के साथ विभिन्न केंद्रीय विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।सम्मेलन में ड्रग तस्करी के बदलते तरीकों, अंतरराज्यीय नेटवर्क, सिंथेटिक ड्रग्स, अवैध खेती, डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल जैसी चुनौतियों पर चर्चा का एजेंडा रखा गया है। साथ ही रोकथाम, पुनर्वास और अलग-अलग एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर है।
सात मानकों पर किया गया मूल्यांकन
तेलंगाना पुलिस के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से ANTF इकाइयों के कामकाज के मूल्यांकन के लिए सात मानक निर्धारित किए गए थे। इन्हीं मानकों के आधार पर राज्यों के एंटी-नारकोटिक्स तंत्र की कार्यप्रणाली का आकलन किया गया।तेलंगाना की इकाई ने इस मूल्यांकन में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। राज्य पुलिस ने इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मिली राष्ट्रीय पहचान बताया है।
संदीप सांडिल्य ने लिया सम्मान
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में ईगल फोर्स के निदेशक संदीप सांडिल्य ने तेलंगाना पुलिस की ओर से सम्मान प्राप्त किया। ईगल फोर्स राज्य में ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने के साथ अंतरराज्यीय नेटवर्क की पहचान और दूसरे राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय पर भी काम कर रही है।हाल ही में तेलंगाना की ईगल फोर्स ने राजस्थान ANTF के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मादक पदार्थ मामलों में वांछित तीन संदिग्धों को राजस्थान से पकड़ा था। तेलंगाना टुडे के अनुसार यह कार्रवाई दोनों राज्यों की एंटी-नारकोटिक्स इकाइयों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और अंतरराज्यीय जांच में सहयोग के लिए हुए समझौते के तहत की गई थी।
अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर फोकस
नशीले पदार्थों की तस्करी अक्सर एक राज्य तक सीमित नहीं रहती। जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती सप्लायर, स्थानीय वितरक और अंतिम खरीदार के बीच फैले नेटवर्क को पहचानने की होती है। यही कारण है कि राज्यों की ANTF और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान महत्वपूर्ण माना जाता है।तेलंगाना ईगल फोर्स की हाल की कार्रवाई में भी राजस्थान से जुड़े कथित सप्लायरों तक जांच पहुंची थी। उस अभियान में हेरोइन, MDMA और अफीम से संबंधित मामलों में वांछित संदिग्धों को तेलंगाना लाया गया था। अधिकारियों ने कहा था कि जांच का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय कथित सप्लाई चेन तक पहुंचना है।
देशभर की एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
तेलंगाना के DGP के अनुसार राष्ट्रीय सम्मेलन में वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाने का मकसद ड्रग तस्करी के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार करना और एजेंसियों के बीच सहयोग मजबूत करना है।नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में स्थानीय पुलिस, राज्य की विशेष इकाइयों, NCB और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका होती है। अंतरराज्यीय मामलों में अलग-अलग राज्यों की पुलिस के बीच सहयोग भी महत्वपूर्ण हो जाता है।इसी दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर Narco-Coordination Centre यानी NCORD की व्यवस्था भी काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जून 2026 में NCORD की शीर्ष स्तरीय बैठक के दौरान **Vision Document on Drug Control (2026–2029)** जारी किया था।
2026 से 2029 तक के लिए विजन डॉक्यूमेंट
केंद्र सरकार के ड्रग नियंत्रण विजन डॉक्यूमेंट में प्रवर्तन, खुफिया सूचनाओं और ऑपरेशन को मजबूत करने के साथ सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल्स पर नियंत्रण, नशे की मांग कम करने, पुनर्वास तथा एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है।राष्ट्रीय सम्मेलन इसी व्यापक रणनीति के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विशेष इकाइयों को एक साझा मंच उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य अलग-अलग राज्यों के अनुभवों और कार्यप्रणालियों को साझा करना भी है, ताकि सफल तरीकों का इस्तेमाल दूसरे क्षेत्रों में किया जा सके।
युवाओं को नशे से बचाने पर भी जोर
ड्रग्स के खिलाफ अभियान का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष नशे की मांग को कम करना है। केवल तस्करों की गिरफ्तारी से समस्या का पूरा समाधान नहीं होता। इसके लिए युवाओं और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता, नशे की लत से प्रभावित लोगों का उपचार और पुनर्वास तथा समुदाय की भागीदारी भी आवश्यक मानी जाती है।NCB लंबे समय से ड्रग दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों और अभियानों से भी जुड़ा है। एजेंसी की आधिकारिक सामग्री में छात्रों के साथ जागरूकता कार्यक्रम और ड्रग दुरुपयोग के खिलाफ संदेश भी शामिल हैं।
तेलंगाना के अभियान को मिली पहचान
तेलंगाना की एंटी-नारकोटिक्स व्यवस्था को मिला सम्मान राज्य पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। ईगल फोर्स की रणनीति में स्थानीय कार्रवाई के साथ अंतरराज्यीय समन्वय और तकनीकी सहायता का इस्तेमाल भी शामिल रहा है।हालांकि ड्रग तस्करी लगातार बदलने वाली चुनौती है। नए सिंथेटिक पदार्थों, ऑनलाइन माध्यमों और राज्यों के बीच फैले नेटवर्क के कारण एजेंसियों को अपनी रणनीति लगातार अपडेट करनी पड़ती है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का फोकस भी ऐसी चुनौतियों पर साझा रणनीति विकसित करने और देश के एंटी-नारकोटिक्स ढांचे को मजबूत करने पर है।