अमेरिका के साथ जंग के हालात के बीच ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप, तिब्बत में भी हिली धरती
नई दिल्ली: दुनिया के दो हिस्सों में गुरुवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। तिब्बत में एक बार फिर से गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई और इसकी गहराई 130 किलोमीटर रही। अमेरिका के साथ जंगी हालात के बीच दक्षिणी ईरान में भी 5.5 तीव्रता का भूकंप आया।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप 19 फरवरी को सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर तिब्बत में अक्षांश 33.57 उत्तर और देशांतर 81.86 पूर्व में महसूस किया गया। हालांकि, इस भूकंप से जानमाल का कितना नुकसान हुआ है, इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
एक तरफ न्यूक्लियर डील को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच भारी तनाव चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि जंग के आसार भी बनते नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ भूकंप के झटके महसूस होने के बाद ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ईरान ने न्यूक्लियर परीक्षण तो नहीं कर लिया, जिसकी वजह से धरती हिली।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने एक अलग रीडिंग जारी की, जिसमें ईरान में आए भूकंप की तीव्रता 4.4 बताई गई। हालांकि, अधिकारियों की तरफ से फिलहाल तीव्रता को लेकर कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने कहा कि दक्षिणी ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर था। बता दें, इससे पहले रविवार, 1 फरवरी, की सुबह दक्षिणी ईरान में रिक्टर स्केल पर 5.3 तीव्रता का एक हल्का भूकंप आया। इस भूकंप को यूएई के समय के अनुसार सुबह 8:11 बजे महसूस किया गया।
हालांकि, इसकी तीव्रता को देखते हुए इसे हल्का भूकंप माना जा सकता है, लेकिन इसकी जगह और गहराई ने इस बात में अहम भूमिका निभाई कि एनर्जी पूरे इलाके में कैसे फैली। ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जो ईरानी पठार में टेक्टोनिक एक्टिविटी के लिए एक आम गहराई है, जो अक्सर पड़ोसी अरब प्रायद्वीप के लिए एक बफर का काम करता है।