खतरा भी बन रहा AI! ठगी करने की नई शातिराना टेक्निक, बदल दी आवाज
जानें पूरा मामला.
नई दिल्ली: साइबर ठगी का एक नया केस मध्य प्रदेश के शहर इंदौर से सामने आया है, जहां स्कूल की महिला टीजर को बड़ी ही चालाकी से शिकार बनाया है. दरअसल, इंदौर के लसुड़िया थाना क्षेत्र में साइबर स्कैमर्स ने AI और वॉयस मॉड्यूलेशन टेक्नोलॉजी का सहारा लिया और बैंक खाते से रुपये उड़ा लिए.
आवाज बदलने की इस तकनीक को AI वॉयस क्लोनिंग कहते हैं. इंटरनेट की दुनिया में ढेरों टूल्स मौजूद हैं, जो एक आवाज को दूसरी आवाज में कन्वर्ट कर देते हैं. AI वॉयस क्लोनिंग का अब तक कई लोग शिकार हो चुके हैं, जिसमें साइबर स्कैमर्स आपके भाई, बहन, माता-पिता या किसी रिश्तेदार से मिलती जुलती आवाज AI से जनरेट करते हैं. इसके बाद वह इमरजेंसी बताते हैं और रुपये मांगते हैं.
AI Voice cloning टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर स्कूल टीजर के पास एक साइबर स्कैमर्स का कॉल आया. कॉल करने वाले ने आवाज बदलकर उसके भाई की आवाज में बात की, जिससे महिला को जरा भी शक नहीं हुआ.
साइबर ठग ने दोस्त की मदद करने का झांसा दिया. इसके बाद महिला से पैसों की मांग की, जिसके बाद महिला ने बताए गए खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.
साइबर ठगी का खुलासा तब जब महिला ने अपने उस भाई को कॉल किया और तब उसे पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है. ठगी का खुलासा होते ही महिला स्कूल टीचर ने पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को आगाह किया है कि अब अपराधी आवाज बदलकर किसी परिचित के नाम पर ठगी कर रहे हैं. AI वॉयस क्लोनिंग से बचाव के लिए जरूरी है कि अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर बिना कंफर्म किए रुपये सेंड ना करें. सबसे पहले उनके ओरिजनल नंबर पर कॉल करें.