नई दिल्ली: भारत के वीर ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) ने भारतीय वायुसेना को अलविदा कह दिया है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। खबर है कि वह वायुसेना की नौकरी छोड़कर अभिनंदन वर्धमान निजी एयरलाइन्स के साथ काम करने गए हैं। साल 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान का F16 विमान गिराने के बाद वर्धमान चर्चा में आ गए थे।

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मामले के जानकार बताते हैं कि वर्धमान ने भारतीय वायुसेना छोड़ दी है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया है कि उन्होंने IAF को 31 मार्च को अलविदा कह दिया था और Fly91 के साथ जुड़ गए हैं। हालांकि, उन्होंने इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। साथ ही वायुसेना ने भी इसका ऐलान नहीं किया है।
एफएलवाई91 के प्रवक्ता ने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी निजी मामला है। एयरलाइन में वर्धमान की भूमिका के बारे में अन्य विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके। गोवा स्थित एफएलवाई91 ने मार्च, 2024 में परिचालन शुरू किया था। इसके बेड़े में फिलहाल छह एटीआर 72-600 विमान हैं। इसके दो परिचालन केंद्र गोवा और हैदराबाद में हैं।
साल 2019 में पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 ने पाकिस्तान के बालाकोट में कई ठिकानों को निशाना बनाया था। तब आतंकवादियों ने भारत के 40 सीआरपीएफ जवानों की हत्या कर दी थी। तब 35 साल के विंग कमांडर वर्धमान आसमान में भारत की सुरक्षा मिग 21 बाइसन से संभाल रहे थे। खास बात है कि उन्होंने इस विमान से ही पाकिस्तान के एफ16 विमान को गिरा दिया था।
हालांकि, बाद में उनके विमान को निशाना बनाया गया और इसी घटनाक्रम के बाद वह पाकिस्तानी क्षेत्र में पहुंच गए थे और पकड़ लिए गए थे। महज 60 घंटे के बाद ही पाकिस्तानी सेना ने उन्हें भारत को लौटा दिया था।
उन्हें वर्ष 2021 में 'वीर चक्र' से सम्मानित किया गया था, जो युद्धकाल में दिया जाने वाला भारत का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में हवाई मुठभेड़ के दौरान 'कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण' प्रदर्शित करने के लिए उन्हें सम्मानित किए जाने का उल्लेख किया गया था।
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र पर सटीक हवाई हमला किया। आतंकवादी हमलों से संबंधित विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर इस अभियान में आतंकवादी संरचनाओं और प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया गया और नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
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