Silchar सिलचर। असम के कछार जिले के सिलचर बाईपास पर कथित यौन उत्पीड़न की घटना के सिलसिले में पुलिस ने मंगलवार को एक 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट सूचनाएं साझा न करने की अपील की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीलोत्पल दास के रूप में हुई है, जो सिलचर के तपोवन नगर का निवासी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने फोटो के आधार पर आरोपी की पहचान की, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर घटना स्थल पर मौजूद होने की बात स्वीकार की, लेकिन दुष्कर्म करने या ऐसी किसी घटना को देखने से इनकार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि वह और उसके कुछ साथी खड़ी गाड़ियों में बैठे जोड़ों को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के दौरान 10,000 रुपये यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस इस मामले में जबरन वसूली और दुष्कर्म समेत विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
यह मामला 19 फरवरी को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सात लोगों ने सिलचर बाईपास पर एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके साथी को चाकू की नोक पर बंधक बनाए रखा। शिकायत के अनुसार, हमलावर एक एसयूवी में आए, दंपति के साथ मारपीट की और महिला के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पार्थ प्रतिम दास ने मंगलवार को पुष्टि की कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, “हम इस मामले को हर पहलू से देख रहे हैं, जिसमें जबरन वसूली, दुष्कर्म और अन्य संभावित कोण शामिल हैं। जब तक जांच स्पष्ट नहीं हो जाती, मैं जनता से शांति बनाए रखने और घबराने से बचने की अपील करता हूं।”
एसएसपी ने बताया कि सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस आधिकारिक बयान जारी करेगी। घटना की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कई पोस्ट सामने आए, साथ ही विभिन्न तरह के दावे और व्याख्याएं भी साझा की गईं। कछार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं को साझा या प्रसारित न करें, क्योंकि समय से पहले निष्कर्ष निकालने से अफवाह और दहशत फैल सकती है।