नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को मिलने वाले चुनावी चंदे में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को सौंपी गई योगदान रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में उसे करीब 12.10 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में आम आदमी पार्टी को 38.10 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। इस तरह एक साल में पार्टी के घोषित चंदे में करीब 68 फीसदी की कमी आई है।

चुनाव आयोग के पास जमा कराई गई रिपोर्ट में 20 हजार रुपये से अधिक के घोषित योगदान का विवरण दिया गया है। इसी रिपोर्ट से पता चला है कि आम आदमी पार्टी की कुल घोषित फंडिंग में इस बार तेज गिरावट आई है। वर्ष 2025-26 में पार्टी की ओर से घोषित कुल चंदा करीब 12.09 से 12.10 करोड़ रुपये के बीच है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 38.10 करोड़ रुपये था।

पार्टी को इस वर्ष मिले कुल घोषित चंदे का बड़ा हिस्सा दो प्रमुख दानदाताओं से आया है। इनमें प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड शामिल हैं। दोनों ने आम आदमी पार्टी को पांच-पांच करोड़ रुपये का योगदान दिया। यानी लगभग 10 करोड़ रुपये सिर्फ इन दो स्रोतों से आए, जो पार्टी के कुल घोषित चंदे का करीब 83 फीसदी है।

ट्राइडेंट लिमिटेड की स्थापना राजिंदर गुप्ता ने की थी, जो पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। कंपनी की ओर से आम आदमी पार्टी को पांच करोड़ रुपये का योगदान दिए जाने का विवरण पार्टी की चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में दर्ज है।

दो सबसे बड़े दानदाताओं के अलावा पार्टी को अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं से करीब 2.10 करोड़ रुपये का योगदान मिला। इसमें पार्टी से जुड़े नेताओं और अन्य व्यक्तिगत दानदाताओं के नाम भी शामिल हैं। रिपोर्ट में अलग-अलग राशि के योगदान का पूरा विवरण चुनाव आयोग के समक्ष दिया गया है।

आम आदमी पार्टी के लिए यह गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी दिल्ली में लंबे समय तक सत्ता में रही थी। फरवरी 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी दिल्ली की सत्ता से बाहर हो गई थी। वित्त वर्ष 2025-26 दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद पार्टी का पहला पूरा वित्तीय वर्ष रहा। हालांकि चंदे में कमी के कारणों को लेकर पार्टी की ओर से कोई एक आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

चुनावी चंदा किसी भी राजनीतिक दल की गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चुनाव प्रचार, संगठन विस्तार, कार्यक्रमों, कार्यालयों और अन्य राजनीतिक गतिविधियों के लिए पार्टियां अलग-अलग माध्यमों से आर्थिक योगदान प्राप्त करती हैं। चुनाव आयोग के नियमों के तहत निर्धारित सीमा से अधिक के योगदान का विवरण राजनीतिक दलों को सालाना रिपोर्ट में देना होता है।

वित्त वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी के लिए सबसे बड़ा बदलाव कुल चंदे में आई कमी है। पिछले वर्ष 38.10 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार राशि घटकर करीब 12.10 करोड़ रुपये रह गई। यानी करीब 26 करोड़ रुपये की कमी दर्ज हुई है। प्रतिशत के हिसाब से यह गिरावट करीब 68 फीसदी बैठती है।

AAP की रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब अन्य राजनीतिक दलों की योगदान रिपोर्ट भी चुनाव आयोग के पास जमा हो रही हैं। बीजू जनता दल ने इसी वित्त वर्ष में 20 हजार रुपये से अधिक का कोई घोषित चंदा नहीं मिलने की जानकारी दी है। वहीं कुछ क्षेत्रीय दलों को आम आदमी पार्टी से अधिक योगदान मिला है।

उदाहरण के लिए तेलुगु देशम पार्टी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 58.25 करोड़ रुपये के योगदान की जानकारी दी है। वहीं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने करीब 24.30 करोड़ रुपये और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 3.23 करोड़ रुपये के चंदे की घोषणा की है। ये आंकड़े अलग-अलग पार्टियों द्वारा चुनाव आयोग को दी गई रिपोर्ट पर आधारित हैं।

आम आदमी पार्टी की दानदाता सूची में व्यक्तिगत योगदान भी दर्ज हैं। अलग-अलग नेताओं और समर्थकों की ओर से पार्टी को छोटी-बड़ी रकम दी गई है। हालांकि कुल राशि के मुकाबले बड़े संस्थागत योगदान की हिस्सेदारी इस बार काफी अधिक रही है।

राजनीतिक दलों की वित्तीय पारदर्शिता के लिए योगदान रिपोर्ट महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जाती है। इसके जरिए यह जानकारी सार्वजनिक होती है कि किसी पार्टी को निर्धारित सीमा से अधिक आर्थिक सहयोग किन स्रोतों से मिला। हालांकि यह रिपोर्ट हर प्रकार की आय का पूरा लेखा-जोखा नहीं होती, बल्कि चुनाव आयोग के नियमों के तहत घोषित किए जाने वाले योगदानों का विवरण प्रस्तुत करती है।

फिलहाल आम आदमी पार्टी की 2025-26 की योगदान रिपोर्ट से साफ है कि उसके घोषित चुनावी चंदे में पिछले वर्ष की तुलना में भारी गिरावट आई है। 2024-25 में 38.10 करोड़ रुपये से घटकर यह रकम 2025-26 में करीब 12.10 करोड़ रुपये रह गई है। पार्टी को मिले चंदे में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड का सबसे बड़ा योगदान रहा है, जिन्होंने मिलकर करीब 10 करोड़ रुपये दिए हैं।

Tags: