नई दिल्ली: नेपाल बाढ़ की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिनमें कई तस्वीरें दिल को झकझोर देने वाली हैं। इस त्रादसी का असर यूपी औऱ बिहार पर भी देखने को मिल रहा है खासकर बॉर्डर पर बसे हुए इलाकों के लोगों में डर बैठ गया है। नेपाल से सटे कई नदी और नाले भी उफान पर हैं। इस कारण आम लोगों सहित वन्यजीवों की भी खतरा है। ऐसी ही एक घटना नेपाल सीमा के करीब यूपी के बहराइच से आ रही है।
यहां नेपाल की तरफ से हाथियों का कुनबा कौड़ियाला नदी में बहता हुआ गिरजा बैराज तक आ गया। पानी का बहाव तेज था, इस बीच वन विभाग की टीमों ने हाथी के कुनबे को सुरक्षित बचा लिया जिसमें हाथियों के बच्चे भी शामिल हैं।
नेपाल सैलाब में मरने वालों की संख्या बढ़कर करीब 162 हो गई है। अभी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता हैं। बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई। ‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में हिमस्खलन के कारण रुकावट पैदा हुई, जिसके बाद बाढ़ सबसे पहले चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में आई। सैकड़ों लोगों की आबादी वाले इस इलाके का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अनबोल जानवरों को परेशानी में देखकर किसी के भी मन बैठ सकता है।
एक न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, हाथियों का यह कुनबा नदी के तेज बहाव में बचते-बचाते बहते हुए यूपी के चौधरी चरण सिंह गिरजापुरी बैराज के पास पहुंच गया था। हो सकता है कि हाथियों का यह झुंड जंगल में होगा तभी अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव में पूरा कुनबा बहने लगा। इसके बाद काफी देर तक हाथी अपनी जान बचाने के लिए तेज बहाव से संघर्ष करते रहे। हालांकि हाथी का नेचर है खुद की रक्षा करना। वीडियो में देखा जा सकता है हाथी सुरक्षित नदी से बाहर आते हुए दिख रहे हैं यह एक राहत भरा दृश्य है।
बता दें कि लोगों ने हाथियों के बहने की जानकारी वन विभाग और सिंचाई विभाग को दी। इस पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और उन्होंने बिना देरी किए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संपर्क किया। इसके बाद सिंचाई अभियंता ने बैराज के गेट बंद कर दिए, जिससे पानी का बहाव काफी कम हो गया। वन विभाग के लोग हाथियों पर नजर बनाए हुए थे। जैसे ही नदी में पानी का बहाव कम हुआ धीरे-धीरे हाथी का कुनबा किनारे की तरफ आने लगे और वयस्क हाथियों ने स्थिति पर काबू पा लिया। जिससे छोटे हाथी भी सुरक्षित बाहर आ गए।
इसके बाद वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद हांका लगाकर सुरक्षित जंगल की ओर तरफ कर दिया। इस तरह लोगों की सतर्कता, वन कर्मियों की इस सूझबूझ से हाथियों की जान बच गई। अगर टीम समय से नहीं पहुंचती को दर्दनाक मंजर हो सकता था। हाथियों की सुरक्षित देख लोगों ने राहत की सांस ली। इस मामले पर बहराइच के डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि सभी 5 हाथी पूरी तरह सुरक्षित हैं और जंगल में वापस लौट चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस घटना को देखते हुए फिलहाल वन विभाग ने नदी किनारे गश्त बढ़ा दी है। उन्होंने आगे कहा कि हाथियों के बहने की खबर मिलते ही सिंचाई विभाग से संपर्क किया गया था। बैराज के गेट बंद होने से पानी का बहाव कम हुआ, जिसकी वजह से सभी हाथियों को सुरक्षित बचाया जा सका।