देवास। रक्षाबंधन त्योहार से पहले मिलावटखोरी के खिलाफ देवास प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दो मिठाई दुकानों पर छापेमारी कर करीब 600 किलो मिठाई जब्त की है। प्रशासन को आशंका है कि इन मिठाइयों को प्रतिबंधित एनालॉग मावा से तैयार किया गया था।

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दुकानों से मावा और तैयार मिठाइयों के नमूने भी लिए हैं। इन सभी सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मिठाइयों में किसी तरह की मिलावट या प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

जानकारी के अनुसार, रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने जिले में मिठाई दुकानों, डेयरी उत्पादों और खाद्य सामग्री की जांच तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को दो दुकानों पर कार्रवाई की गई।



छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मावा और मिठाइयों की जांच की। टीम ने संदिग्ध सामग्री को जब्त कर लिया और नियमानुसार सैंपल तैयार किए। अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई मिठाई को सुरक्षित रखवाया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। वीडियो में अधिकारी दुकानों पर पहुंचकर मावा और मिठाइयों को एकत्र करते हुए दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में खाद्य विभाग के कर्मचारी उत्पादों के नमूने लेते और जांच प्रक्रिया पूरी करते नजर आ रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के समय मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकना प्राथमिकता है। कई बार मांग बढ़ने पर कुछ व्यापारी कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए घटिया या प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल करते हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

एनालॉग मावा को लेकर खाद्य विभाग पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुका है। इसे असली मावे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।




खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतें। खुले में रखी मिठाइयों और संदिग्ध गुणवत्ता वाले उत्पादों से बचने की सलाह दी गई है। उपभोक्ताओं को प्रतिष्ठित दुकानों से ही मिठाई खरीदने को कहा गया है।

रक्षाबंधन के मौके पर बाजारों में मिठाई की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।

अधिकारियों ने बताया कि यदि जांच में मिठाइयों में मिलावट या प्रतिबंधित मावे के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देवास प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य मिठाई दुकानों में भी हड़कंप की स्थिति है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से और भी दुकानों की जांच की जा सकती है।

फिलहाल जब्त की गई मिठाई और मावे के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि दुकानदारों के खिलाफ आगे कौन-सी कार्रवाई की जाएगी।

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