बदरपुर में जर्जर चार मंजिला इमारत ढह गई, हादसा होते-होते टला

बड़ी खबर

Update: 2025-09-07 15:54 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के बदरपुर इलाके में शनिवार, 7 सितंबर 2025 को दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे के समय इमारत पूरी तरह खाली थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल जरूर बन गया, लेकिन प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से स्थिति को नियंत्रित कर लिया। जानकारी के अनुसार, यह इमारत व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाई गई थी, लेकिन लंबे समय से बंद पड़ी थी और जर्जर हालत में खड़ी थी। लगातार हो रही बारिश और दीवारों में पानी के रिसाव ने इसकी संरचना को कमजोर कर दिया था, जिससे यह हादसा हुआ। प्राथमिक जांच में इमारत की पुरानी स्थिति और रखरखाव के अभाव को दुर्घटना का मुख्य कारण बताया गया है।
फायर कंट्रोल रूम को दोपहर करीब 1:31 बजे घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तुरंत तीन फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे। दमकलकर्मियों ने इलाके को घेरकर सुरक्षा सुनिश्चित की और आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर कर दिया। साथ ही मलबा हटाने के लिए आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी गई। इमारत गिरने से आसपास की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। मलबे के गिरने से बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे कई कॉलोनियों में घंटों बिजली बाधित रही। बीएसईएस की टीम मौके पर पहुंची और बिजली बहाल करने का काम शुरू किया। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और बिजली आपूर्ति को सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सिविल डिफेंस, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित विभाग राहत कार्य में जुटे हुए हैं। साउथ-ईस्ट दिल्ली के तहसीलदार धीरज कुमार मलिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई थी और इलाके की घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। मलबा हटाने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और इलाके को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह हादसा किसी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता था। मथुरा रोड और सर्विस लेन इमारत के पास ही हैं, जहाँ रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। यदि यह हादसा व्यस्त समय पर होता तो इसमें कई लोगों की जान जा सकती थी। लोगों ने राहत की सांस ली कि इमारत गिरते समय आसपास कोई मौजूद नहीं था। प्रशासन ने प्राथमिक जांच के आधार पर कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए जर्जर इमारतों की पहचान कर उनका सर्वेक्षण किया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी इमारतों को समय रहते चिन्हित कर उन्हें खाली कराना और आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाएगा।
एमसीडी के अधिकारियों ने बताया कि इलाके में संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जर्जर इमारतों की रिपोर्ट तैयार कर उन्हें लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। दिल्ली पुलिस ने भी आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी जर्जर या असुरक्षित इमारत के बारे में जानकारी मिले तो वह तुरंत प्रशासन को सूचित करें। इससे ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि
महानगरों
में पुरानी इमारतों का रखरखाव आवश्यक है। बारिश और मौसम की मार से जर्जर हो चुकी इमारतें बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर ही ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है। फिलहाल, इलाके में स्थिति सामान्य हो रही है। मलबा हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी लाते हुए जनता को भरोसा दिलाया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। इस घटना ने चेतावनी दी है कि शहरों में इमारतों के रखरखाव और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
Tags:    

Similar News