Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपी दिलकश अली के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर रायपुर ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत आरोपी को 3 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत आरोपी को रायपुर सहित कुल 6 जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।
16 आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप
पुलिस के अनुसार, जिला बदर किए गए आरोपी की पहचान दिलकश अली पिता हुमायूं अली (26 वर्ष), निवासी तरुण नगर, जीवन प्लाजा के पीछे, थाना सिविल लाइन रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2019 से लगातार विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन और पंडरी में कुल 16 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, चाकूबाजी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल बताए गए हैं।
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरा व्यवहार
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद उसके आपराधिक व्यवहार में सुधार नहीं आया। पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र, पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की ओर से आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों को लेकर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ दर्ज अपराधों, उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस रिपोर्ट का परीक्षण किया गया।
6 जिलों की सीमा से किया गया बाहर
प्रकरण की समीक्षा के बाद पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत आदेश जारी किया। इस आदेश के अनुसार आरोपी दिलकश अली को आगामी 3 माह के लिए रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए आदतन अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे लोगों पर निगरानी रखी जा रही है, जिनकी गतिविधियों से आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती है। जिला बदर जैसी कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर रोक लगाना और शहर में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना है।
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