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BREAKING: पंजाब पुलिस ने गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के सदस्य बलजिंदर उर्फ रैंच को किया गिरफ्तार

Shantanu Roy
7 Sept 2025 5:55 PM IST
BREAKING: पंजाब पुलिस ने गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के सदस्य बलजिंदर उर्फ रैंच को किया गिरफ्तार
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Punjab. पंजाब। पंजाब पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नेटवर्क पर बड़ा वार किया है। रविवार को गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (AGTF) ने एक अहम ऑपरेशन के दौरान उसके करीबी सहयोगी बलजिंदर सिंह उर्फ रैंच को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से .32 बोर की पांच पिस्तौलें और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि बलजिंदर सिंह बठिंडा के माही नांगल का रहने वाला है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना है। उस पर भारतीय दंड संहिता और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। रैंच गोल्डी बराड़ के गिरोह के लिए अवैध हथियारों की सप्लाई में सक्रिय था। डीजीपी ने आगे बताया कि शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि बरामद हथियार सीधे गोल्डी बराड़ के निर्देश पर खरीदे गए थे। इस सप्लाई चेन को उसका मुख्य सहयोगी मलकीत सिंह उर्फ कित्ता भानी संचालित कर रहा था, जो फिलहाल कपूरथला जेल में बंद है। जेल से ही वह गिरोह को निर्देश दे रहा था। इस गिरोह का उद्देश्य पंजाब में शांति और कानून व्यवस्था को बिगाड़ना और भय का माहौल पैदा करना था। एडीजीपी प्रमोद बान ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि डीएसपी जसपाल सिंह की अगुवाई में एक स्पेशल टीम गठित की गई थी। टीम को पुख्ता इनपुट मिले थे कि गोल्डी गैंग पंजाब में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है।

इन इनपुट के आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई और मुक्तसर साहिब जिले के मलौत-मुक्तसर रोड पर नए बाईपास फ्लाईओवर के नीचे से बलजिंदर उर्फ रैंच को दबोच लिया गया। रैंच के खिलाफ थाना सदर मलोट में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 25(7)(8) के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि बलजिंदर ने गिरोह के लिए हथियारों की सप्लाई के साथ-साथ अन्य अवैध गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने यह स्वीकार किया कि वह गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के कई अन्य सदस्यों से भी संपर्क में था। पुलिस ने बताया कि रैंच के कब्जे से बरामद की गई पिस्तौलें और जिंदा कारतूस गिरोह द्वारा संभावित अपराधों में इस्तेमाल होने वाली थीं। इसके अलावा, जांच में यह भी पता चला कि गिरोह ने पहले भी राज्य में कई हथियारों की सप्लाई की थी, जिससे कानून-व्यवस्था को चुनौती दी जा रही थी। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह और इसके पीछे छिपे अन्य सहयोगियों का पर्दाफाश किया जा सके। यह कार्रवाई राज्य में अपराध नियंत्रण और शांति बहाल करने के प्रयासों का हिस्सा है। गोल्डी बराड़ और उसके गिरोह ने लंबे समय से पंजाब में भय का वातावरण बनाने की कोशिश की है। उनके नेटवर्क के सदस्य अवैध हथियारों की सप्लाई, ड्रग्स और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं। इस गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह की योजनाओं को पहले ही रोकने में मदद मिलेगी।

एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य सहयोगियों और गिरोह के संभावित अभियानों की पहचान कर रही है। टीम तकनीकी और मानव खुफिया साधनों का उपयोग कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स को दें। इसके अलावा, पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है और राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है। यह
गिरफ्तारी
पंजाब में अपराधियों के नेटवर्क पर पुलिस की सख्त कार्रवाई का प्रमाण है। इससे पहले भी कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के सक्रिय सदस्य बलजिंदर उर्फ रैंच को पकड़ना इस अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस मामले में पुलिस का मानना है कि गोल्डी बराड़ और उसके सहयोगी राज्य में बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बना रहे थे। ऐसे गिरोह आम जनता के लिए खतरा हैं और पुलिस उनकी योजनाओं को पहले ही नाकाम करने के प्रयास में जुटी रहती है। पुलिस का यह ऑपरेशन पंजाब में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। गिरफ्तार आरोपी रैंच से पूछताछ के जरिए अन्य संभावित अपराधियों और गिरोह के छिपे हुए सदस्यों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
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