DEHRADUN देहरादून: बादल फटने की घटना ने सहारनपुर के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मीरपुर थाना फतेहपुर और आसपास के गांवों के छह मजदूर हादसे के बाद से लापता हैं। इनमें मीरपुर के मिथुन (32), उनके पिता श्यामलाल (65), धर्मेंद्र (42) और विकास (26) शामिल हैं। यह सभी मजदूरी के लिए देहरादून गए थे और घटना के बाद से इनका कोई पता नहीं चला है। मिथुन और श्यामलाल आपस में पिता-पुत्र थे। हादसे के बाद उनके घर में मातम पसरा है। मिथुन की पत्नी कविता पांच बेटियों के साथ बेसहारा हो गई हैं। सबसे बड़ी बेटी 15 साल की है जबकि सबसे छोटी डेढ़ साल की है। बच्चियां बार-बार पिता और दादा के लौटने की बात पूछ रही हैं, लेकिन किसी के पास इसका जवाब नहीं है।
विकास पहली बार मजदूरी के लिए गांव से बाहर गया था। उसकी बहन आरती ने बताया कि विकास ने घर लौटने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक उसकी कोई खबर नहीं है। वहीं धर्मेंद्र ने हादसे वाली रात अपनी पत्नी बबिता को फोन पर बताया था कि बाहर पानी ज्यादा है और खतरा है। उसी रात बादल फटने से वह भी लापता हो गए।
गांव में पसरा मातम
गांव के छह मजदूरों का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। हादसे को 60 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। गांव में खामोशी और मातम का माहौल है। परिजन और ग्रामीण देहरादून में लगातार तलाश कर रहे हैं। प्रशासन की टीमें भी राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन लापता मजदूरों का अब तक कोई पता नहीं चल सका। गांव के लोग लगातार दुआ कर रहे हैं कि उनके प्रियजन सुरक्षित लौट आएं। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। इस त्रासदी ने पूरे गांव को हिला दिया है। हादसे ने न सिर्फ कई घरों के सहारे छीन लिए हैं, बल्कि छोटे-छोटे बच्चों को भी अनिश्चितता और दर्द में डाल दिया है।