नई दिल्ली: मणिपुर के कांगपोकपी में गुरुवार की सुबह एक बार फिर हिंसा भड़क उठी. इम्फाल-तामेंगलॉन्ग रोड पर स्थित गांवों के पास अज्ञात शस्‍त्रधारियों ने अचानक हमला कर दिया. इस अंधाधुंध गोलीबारी में नागा समुदाय के चार आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है.

हिंसा के बाद से एक ग्रामीण लापता भी बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, ये घटना सुबह करीब 8:30 बजे मकुई आशांग और थानम्बा नागा गांवों के बीच घटी. ये इलाका IT रोड के किनारे बसे नागा गांवों के लिए आवाजाही की लाइफलाइन माना जाता है.
घटना के तुरंत बाद इलाके में दोनों तरफ से रुक-रुक कर भारी गोलाबारी की खबरें भी सामने आईं. गोलीबारी में जान गंवाने वाले चारों लोग नागा समुदाय से जुड़े सामाजिक और शैक्षणिक चेहरे थे. मृतकों की पहचान टैडसोंगबाउ रिंगकांगमाई (राइट पाथ स्कूल (टी खुलेन के संस्थापक और प्रधानाचार्य), मरियाकडीबाउ विजुनमाई (मकुई यूथ क्लब के कार्यकारी सदस्य), जापौ एमके (थोंगलांग अकुत्पा के छात्र नेता) और अनिल विजुनमाई (मकुई यूथ क्लब के कार्यकारी सदस्य) के रूप में हुई है.
इस हमले में गैकामंग रिंगकांगमाई गंभीर रूप से घायल हुए हैं. वहीं, चावांगकिनिंग विलेज अथॉरिटी के अध्यक्ष विसोबाउ चारेनामाई घटना के बाद से लापता हैं. हमले के पीछे किन लोगों का हाथ था और इस वारदात की वजह क्या थी, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है. घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं. घायल व्यक्ति को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लापता ग्रामीण की तलाश के लिए जंगल और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है.
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