Delhi दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देते हुए वर्ष 2026 को ‘भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। इस पहल का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को केवल सरकारों तक सीमित न रखकर आम लोगों, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत तक विस्तार देना है। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि साझेदारी को “पार्टनरशिप ऑफ द पीपल” में बदलना प्राथमिकता होगी।
इस नवाचार वर्ष के दौरान उभरती प्रौद्योगिकियों, स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, रक्षा अनुसंधान और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से स्टार्टअप इकोसिस्टम, एमएसएमई नेटवर्क और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। छात्र एवं शोधकर्ता आदान-प्रदान, संयुक्त नवाचार केंद्रों की स्थापना और उद्योग–शोध साझेदारी को प्रोत्साहन देने की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, यह पहल दोनों देशों के दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य तकनीकी प्रगति, आर्थिक विकास और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में साझा योगदान को मजबूत करना है। भारत और फ्रांस ने नवाचार को भविष्य की साझेदारी का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि इससे न केवल द्विपक्षीय संबंध गहरे होंगे, बल्कि वैश्विक स्थिरता और प्रगति में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।