Hamirpur. हमीरपुर। हिमाचल सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन द्वारा संचालित 108 एंबुलेंस सेवा ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 15 जनवरी, 2022 को अपना परिचालन शुरू करने के बाद से मेडस्वान फाउंडेशन द्वारा संचालित 108 एंबुलेंस सेवा ने लगभग 78000 गर्भावस्था से संबंधित मामलों सहित कुल 4.27 लाख से अधिक आपात परिस्थितियों को संभाला है। इसमें 3060 से सुरक्षित प्रसव एंबुलेंस में करवाए गए हैं। यह उपलब्धि राज्य भर में मातृ और नवजात स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के लिए सेवा की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। हर नौ घंटे में औसतन एक नवजात शिशु के जन्म के साथ यह सेवा गर्भवती महिलाओं के लिए जीवन रेखा के रूप में उभरी है। विशेष रूप से दूरदराज में जहां स्वास्थ्य सेवा की पहुंच सीमित है। 108 एंबुलेंस सेवा ने राज्य के व्यापक स्वास्थ्य लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाते हुए मातृ और नवजात मृत्युदर को कम करने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।
कुशल एंबुलेंस स्टाफ और आवश्यक डिलीवरी किट से लैस यह सेवा सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करती है। कई मामलों में जब प्रसव पीड़ा से गुजर रही माताओं को विभिन्न जटिलताओं के कारण उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए रैफर किए जाने की सूरत में कठिन परिस्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालते हुए एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर सैकड़ों जिंदगियां बचाई हैं। अस्पताल पूर्व प्रसूति देखभाल और संस्थागत स्वास्थ्य सेवा के इस सहज मिश्रण ने जीवन घातक जटिलताओं को टाला है। आपातकालीन परिस्थितियों में महत्त्वपूर्ण अंतराल को पाटकर 108 सेवा ने हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांकों को महत्त्वपूर्ण रूप से मजबूत किया है। प्रदेश के पहाड़ी और कठिन भू-भाग में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अकसर चुनौतीपूर्ण होती है। 108 एंबुलेंस सेवा ने इस चुनौती को एक अवसर में बदल दिया है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे की रीढ़ के रूप में उभरी है, जो पूरे राज्य में, यहां तक कि सबसे दूरदराज के क्षेत्रों में 24 घंटे सेवा सुनिश्चित करती है। यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश सरकार के एनएचएम के समर्पण और मेडस्वान फाउंडेशन की परिचालन उत्कृष्टता का प्रमाण है।