महाराष्ट्र में नई सियासी चर्चा तेज सुनेत्रा प्रशांत किशोर की बैठक पर बोलीं सुप्रिया सुले
मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता सुनेत्रा पवार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाकात को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एनडीए की सहयोगी NCP के नेता की प्रशांत किशोर से मुलाकात को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। इस मुलाकात को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच NCP के शरद पवार गुट की कार्यवाहक अध्यक्ष और बारामती सांसद सुप्रिया सुले ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उन्होंने इसे अजित पवार गुट का अंदरूनी मामला बताते हुए इस पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार किया।
शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले से जब सुनेत्रा पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर उनके पुराने और अच्छे निजी मित्र हैं। उन्होंने कहा कि किशोर पेशेवर तौर पर स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और किसके साथ काम करना है, यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। वहीं अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP प्रशांत किशोर के साथ किसी तरह का राजनीतिक या चुनावी काम करना चाहती है तो यह उनका अंदरूनी मामला है।
सुप्रिया सुले ने कहा कि प्रशांत किशोर कई वर्षों से उनके अच्छे निजी मित्र रहे हैं। उन्होंने उनके काम को करीब से देखने की बात भी कही। सुले के मुताबिक उन्होंने कभी प्रशांत किशोर के साथ अपनी दोस्ती को छिपाया नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किशोर अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं के साथ पेशेवर तौर पर काम करते रहे हैं और उन्हें अपने काम को लेकर स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार है।
दरअसल, हाल ही में प्रशांत किशोर की NCP नेता और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा उनके बेटे पार्थ पवार से मुलाकात की खबर सामने आई थी। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। चूंकि NCP अजित पवार गुट इस समय एनडीए का हिस्सा है और प्रशांत किशोर को विपक्षी राजनीति से जुड़े रणनीतिकार के तौर पर देखा जाता है, इसलिए दोनों पक्षों की मुलाकात ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया।
हालांकि, सुप्रिया सुले ने इस मुलाकात को लेकर सीधे तौर पर कोई राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से परहेज किया। उन्होंने साफ किया कि अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP प्रशांत किशोर के साथ किस उद्देश्य से काम करना चाहती है, इसका फैसला वही लोग करेंगे। उनके बयान को राजनीतिक तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुट अलग-अलग राजनीतिक खेमों में हैं।
सुप्रिया सुले ने इस दौरान प्रशांत किशोर के काम की तारीफ भी की। उन्होंने बिहार में उनके हालिया राजनीतिक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि किशोर ने बांकीपुर में एक बड़ी लड़ाई जीती है। सुले ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी राजनीतिक मशीनरी और सत्ता के बावजूद अगर किसी राजनीतिक रणनीतिकार को उसके स्तर पर चुनौती दी जाती है, तो उसके काम की सराहना की जानी चाहिए।
सुले ने कहा कि प्रशांत किशोर मेहनती हैं और पिछले कई वर्षों में उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ काम किया है। उन्होंने उनके जमीनी स्तर के राजनीतिक काम और रणनीति को लेकर भी सकारात्मक टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने भाजपा को लेकर अपने राजनीतिक अनुभव का उदाहरण भी सामने रखा।
बारामती सांसद ने कहा कि अगर कोई पार्टी स्थानीय स्तर से लेकर दिल्ली तक सत्ता में हो और इसके बावजूद उसके अपने मजबूत क्षेत्र के किसी बूथ पर खराब प्रदर्शन हो, तो इसे गंभीर चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कटेवाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि सत्ता में रहने के बावजूद बारामती के कटेवाड़ी में अपने ही बूथ पर नतीजा खराब आता, तो वह इसे अपनी कमी मानतीं।
सुप्रिया सुले का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में NCP के दोनों गुटों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। पिछले दिनों ऐसी अटकलें भी सामने आई थीं कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व NCP के दोनों धड़ों को एक साथ लाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, इस तरह की चर्चाओं को लेकर अलग-अलग नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
अब सुनेत्रा पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात ने इन राजनीतिक अटकलों को एक नया आधार दे दिया है। हालांकि, केवल मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक गठजोड़ या रणनीति को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। सुप्रिया सुले ने भी इसे अजित पवार गुट का अंदरूनी मामला बताकर फिलहाल इस मुद्दे से दूरी बनाए रखी है। आने वाले समय में यदि प्रशांत किशोर और NCP के बीच किसी औपचारिक राजनीतिक या चुनावी सहयोग की घोषणा होती है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में इसके व्यापक असर को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है।