कोलकाता होटल अग्निकांड का सच आएगा सामने, जांच में खुलेंगे राज
9 मौतों के बाद सवालों के घेरे में होटल प्रबंधन और सिस्टम
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने एक बार फिर शहरों में होटल और गेस्ट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में लगी आग में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस दर्दनाक घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और सुरक्षा नियमों की अनदेखी क्यों हुई।
जानकारी के अनुसार, आग तड़के उस समय लगी जब होटल में ठहरे ज्यादातर लोग सो रहे थे। देखते ही देखते धुआं पूरे भवन में फैल गया और कई लोग कमरों में फंस गए। दमकल विभाग की टीम ने करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन धुएं के कारण कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो इलाज के सिलसिले में कोलकाता आए थे।
हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या होटल के पास सभी जरूरी फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र मौजूद थे। क्या इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था थी? क्या फायर अलार्म और आग बुझाने के उपकरण सही स्थिति में थे? शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आग फैलने के पीछे सुरक्षा खामियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि इतने पुराने और भीड़भाड़ वाले इलाके में संचालित हो रहे होटलों की नियमित जांच क्यों नहीं हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लाइसेंस जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय-समय पर फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और होटल, गेस्ट हाउस समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो आग लगने के कारणों और संभावित लापरवाही की पड़ताल करेगा।
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश के बड़े शहरों में चल रहे छोटे होटल और लॉज यात्रियों की सुरक्षा के लिए कितने तैयार हैं। अक्सर संकरी गलियां, सीमित निकासी रास्ते और पुराने भवन आपदा के समय बड़ी परेशानी बन जाते हैं। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि आग की असली वजह क्या थी और किस स्तर पर लापरवाही हुई। लेकिन 9 लोगों की मौत ने होटल सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को जरूर उजागर कर दिया है।