पद्मश्री पूर्ण दास की जमीन पर कब्जा बेटे ने पूर्व TMC नेता पर उठाई उंगली
2020 से जमीन पर कब्जे का आरोप
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध बाउल गायक और पद्मश्री से सम्मानित पूर्ण दास बाउल अपनी जमीन वापस पाने की गुहार लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के ‘जनता दरबार’ पहुंचे। 93 वर्षीय पूर्ण दास व्हीलचेयर पर अपने बेटे दिव्येंदु दास और बहू अदिति दास के साथ साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे और बीरभूम के इलामबाजार में अपनी कृषि भूमि पर कथित कब्जे की शिकायत की।
पूर्ण दास बाउल का आरोप है कि वर्ष 2020 में कोरोना लॉकडाउन के समय से इलामबाजार स्थित उनकी कृषि भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर रखा है। कई साल बीत जाने के बावजूद उन्हें अपनी जमीन वापस नहीं मिली। उन्होंने कहा कि राज्य और देश का नाम रोशन करने तथा इतने सम्मान मिलने के बावजूद उन्हें अपनी जमीन के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़ेगा इसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।
बेटे ने अनुव्रत मंडल की ओर किया इशारा
पूर्ण दास बाउल ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। हालांकि उनके बेटे दिव्येंदु दास ने आरोप लगाया कि जमीन कब्जाने के पीछे ‘केष्टो मंडल’ नाम का व्यक्ति और उसके साथ कुछ अन्य लोग शामिल हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या ‘केष्टो मंडल’ से उनका इशारा बीरभूम के पूर्व तृणमूल कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुव्रत मंडल की ओर है तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। हालांकि अनुव्रत मंडल की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
परिवार का दावा है कि कब्जाई गई कृषि भूमि पर बहुमंजिला इमारत भी खड़ी कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी इस समस्या के समाधान के लिए शिकायत की गई लेकिन जमीन वापस नहीं मिल सकी।
कोलकाता का घर तोड़ने का भी आरोप
पूर्ण दास के परिवार ने एक और गंभीर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि दक्षिण कोलकाता के ढाकुरिया स्थित उनके आवास को भी तोड़ दिया गया और परिवार को वहां से बेदखल होना पड़ा। परिवार का कहना है कि इलामबाजार की जमीन पर कथित कब्जे के बाद ढाकुरिया का घर ही उनके लिए मुख्य सहारा था। पूर्ण दास और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर जमीन वापस दिलाने की मांग की।
कार्रवाई के आश्वासन का दावा
शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद दिव्येंदु दास ने कहा कि उन्हें मामले में कार्रवाई का आश्वासन मिला है। उनके मुताबिक इलामबाजार की जमीन के मामले में संबंधित जिला प्रशासन को कदम उठाने के लिए कहा गया है। परिवार ने मुलाकात के बाद जमीन वापस मिलने की उम्मीद जताई। इस जनता दरबार में पूर्ण दास बाउल के अलावा सौ से अधिक लोग अपनी अलग-अलग शिकायतें लेकर पहुंचे थे। वर्ष 2002 के दक्षिण कोरिया पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमनाथ मालो भी अपनी समस्या लेकर जनता दरबार पहुंचे। फिलहाल पूर्ण दास बाउल की जमीन पर कब्जे के आरोप जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का विषय हैं। संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।