कोलकाता बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तस्वीरें जलाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कड़ा रुख अपनाते हुए कथित तौर पर घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। तस्वीरें जलाने की घटना सामने आने के बाद समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई।

जानकारी के मुताबिक बागेश्वर बाबा के नाम से चर्चित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तस्वीरें जलाने से जुड़ा मामला सामने आने के बाद इसका वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा में आ गईं। घटना को लेकर अलग-अलग संगठनों ने आपत्ति जताई। इसके बाद प्रशासन और पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई।
गिरफ्तारी के निर्देश
मुख्यमंत्री शुभेंदु ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को घटना की जांच करने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या जानबूझकर तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस से वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने को कहा गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री की पड़ताल कर सकती है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि तस्वीरें जलाने की घटना किस स्थान पर हुई, इसमें कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे क्या वजह थी।
समर्थकों में नाराजगी
घटना की जानकारी फैलने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किसी धार्मिक या सामाजिक व्यक्ति की तस्वीर जलाकर माहौल खराब करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। समर्थकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं प्रशासन के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि मामले को लेकर किसी तरह का तनाव न फैले। संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकती है और भड़काऊ सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री को लेकर फिर गरमाई सियासत
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने धार्मिक कार्यक्रमों और बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचते हैं। कई बार उनके बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। ताजा विवाद के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। फिलहाल अधिकारियों को घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कदम उठाने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामले में किन लोगों की भूमिका पाई गई और उनके खिलाफ कौन-सी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।
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