कोलकाता। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद नगेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज की कथित अमर्यादित टिप्पणी पर पश्चिम बंगाल में विवाद जारी है। राज्य सरकार ने सांसद को दिया गया बंग विभूषण सम्मान वापस ले लिया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। चौतरफा आलोचना के बाद अनंत महाराज ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त किया है।
अनंत महाराज की माफी पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया। भवानीपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नेताजी के बारे में की गई टिप्पणी क्षमा योग्य नहीं है लेकिन सांसद द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने को सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। उन्होंने अनंत महाराज की उम्र और वरिष्ठता का सम्मान करने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनंत महाराज एक वरिष्ठ नागरिक हैं। उन्होंने देर रात सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर अपनी टिप्पणी पर खेद जताया है। साथ ही भविष्य में बोलते समय सावधानी बरतने का भरोसा भी दिया है। अपनी गलती का अहसास होना और उसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना एक अच्छा कदम है। हालांकि नेताजी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
शुभेंदु अधिकारी ने मामले में की गई पुलिस कार्रवाई की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि विवादित और आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े मामलों में प्रदेश के विभिन्न थानों में कुल छह एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी अनंत महाराज के गृह जिले कूचबिहार के रहने वाले बताए गए हैं। इनमें उत्तम बर्मन नाम का एक शिक्षक भी शामिल है। सभी आरोपियों को शुक्रवार को संबंधित अदालत में पेश किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनंत महाराज के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में कानून अपना काम करेगा। जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। सरकार राजनीतिक पहचान की परवाह किए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई करने के पक्ष में है।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या नफरत फैलाने वाली सामग्री के खिलाफ भी पुलिस ने अभियान चलाया है। राज्य सरकार के अनुसार तकनीकी टीम ने अब तक 282 विवादित पोस्ट हटाए हैं। इसके अलावा कई संदिग्ध फेसबुक अकाउंट को ब्लॉक किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन अकाउंट से सामग्री किसने पोस्ट की और उसका उद्देश्य क्या था।
विवाद बढ़ने के बाद अनंत महाराज ने सोशल मीडिया पर 17 सेकंड का वीडियो संदेश जारी किया। इसके साथ उन्होंने नेताजी के प्रति सम्मान व्यक्त करने से संबंधित कैप्शन लिखा। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनके किसी अनजाने या अनिच्छुक बयान से किसी की भावना आहत हुई है तो वह इसके लिए हृदय से माफी मांगते हैं। उन्होंने नेताजी के प्रति पूरा सम्मान होने की बात भी कही।
इससे पहले राज्य सरकार ने 21 फरवरी 2026 को अनंत महाराज को दिया गया बंग विभूषण सम्मान तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया था। सरकारी अधिसूचना के अनुसार सम्मान बनाए रखना उसकी गरिमा और उद्देश्य के अनुरूप नहीं माना गया। इसके बाद संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से उनका नाम हटाने का निर्देश दिया गया। यह सम्मान उन्हें पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में प्रदान किया गया था।
राज्य सरकार के मंत्री शंकर घोष ने अपेक्षाकृत उदार रुख अपनाते हुए कहा कि गलती स्वीकार करने वाले व्यक्ति को माफ करने की परंपरा समाज में रही है। हर मामले में गिरफ्तारी ही अंतिम समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सांसद ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त कर दिया है इसलिए विवाद समाप्त करने पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रीय नायकों और संवेदनशील विषयों पर टिप्पणी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।