एंटी-पेपर लीक बिल पर बोले रितब्रत बनर्जी, कहा- पेपर लीक रोकना कानून से ज्यादा जरूरी
Kolkata कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी ने एंटी-पेपर लीक बिल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने संसद की पूरी कार्यवाही नहीं देखी है, इसलिए बिना पूरी जानकारी के किसी भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि इस विधेयक का पारित होना अपेक्षित था और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। रितब्रत बनर्जी ने कहा, "मुझे नहीं पता कि संसद में क्या हुआ। मैं विधानसभा में था और उसके बाद पार्टी कार्यालय आया। पूरी जानकारी के बिना किसी विषय पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा।"
उन्होंने कहा कि एंटी-पेपर लीक बिल का पारित होना तय था। उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कानून जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं हों ही नहीं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "हम लगातार कहते रहे हैं कि इस बिल के कड़े प्रावधानों की जरूरत तभी पड़ेगी, जब पेपर लीक होगा। यदि सरकार ऐसी व्यवस्था बना दे कि प्रश्नपत्र लीक ही न हो, तो यही सबसे प्रभावी समाधान होगा।"
उन्होंने कहा कि केवल सख्त कानून बना देना पर्याप्त नहीं है। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रहे और मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
रितब्रत बनर्जी के इस बयान को एंटी-पेपर लीक बिल पर विपक्ष की संतुलित प्रतिक्रिया माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि कानून के साथ-साथ प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत सुरक्षा तंत्र भी उतना ही आवश्यक है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।