करोड़ों की जमीन का खेल! TMC सांसद के PA सुमित रॉय पर CID का शिकंजा
करोड़ों के जमीन घोटाले की परतें खोलेगी CID सुमित रॉय से 8 दिन पूछताछ
Kolkata. कोलकाता।तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय को सीआईडी रिमांड में भेजा गया। सुमित रॉय को पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने वेस्ट मिदनापुर जिले के सालबोनी में करोड़ों रुपए की जमीन हड़पने के मामले में गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को उसी जिले की एक अदालत ने उन्हें आठ दिन की सीआईडी कस्टडी में भेज दिया। सीआईडी अधिकारियों ने रॉय को गुरुवार दोपहर कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने इस मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई (गिरफ्तारी सहित) से उन्हें मिली अंतरिम सुरक्षा को रद्द कर दिया था।
शुक्रवार सुबह, सीआईडी अधिकारी रॉय को मेडिकल जांच के लिए पहले दक्षिण कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले गए और फिर उन्हें वेस्ट मिदनापुर ले जाकर वहां की जिला अदालत में पेश किया। जिला अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें आठ दिन की सीआईडी कस्टडी में भेज दिया। यह जानकारी मामले के सरकारी वकील नाजिम हबीब ने मीडिया को दी।
हबीब ने कहा, "सुमित रॉय पर कई आरोप हैं। इसके अलावा, उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर एक याचिका दायर की गई थी। साथ ही, पूछताछ के दौरान उनके वकीलों को मौजूद रहने की अनुमति देने के लिए भी एक याचिका दायर की गई है। ऐसे में, उनसे दो वकीलों के नाम देने को कहा गया है। इसके बाद अदालत यह देखेगी कि इसकी अनुमति दी जाए या नहीं। उनकी ओर से कोई जमानत याचिका दायर नहीं की गई है। रॉय सालबोनी जमीन घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
इस मामले की सुनवाई गुरुवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वेंकटा सुब्बा राव मोहना की बेंच ने की थी। अंतरिम सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद जांचकर्ताओं के लिए गिरफ्तारी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कोई कानूनी बाधा नहीं रही। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि मौका दिए जाने के बावजूद सुमित रॉय ने जांच प्रक्रिया में ठीक से सहयोग नहीं किया। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब अभिषेक बनर्जी आंखों के इलाज के लिए विदेश में हैं।