विधानसभा में लहराया कागज, बढ़ा विवाद

Update: 2026-06-25 09:16 GMT

पश्चिम बंगाल: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को तारातला वेयरहाउस शेड हादसे को लेकर भारी राजनीतिक घमासान देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सदन में इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस हादसे के पीछे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही प्रमुख कारण हो सकते हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा सत्र के दौरान एक दस्तावेज भी सदन में लहराया, जिसे उन्होंने उस गोदाम का नक्शा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को उस समय कोलकाता नगर निगम के महापौर रहे फिरहाद हकीम ने मंजूरी दी थी। अधिकारी ने कहा कि दस्तावेज पर कई संबंधित पक्षों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद डिजाइन में खामियों के साथ परियोजना को अनुमति दी गई।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि तकनीकी खामियों के बावजूद इस तरह की योजना को मंजूरी कैसे मिल गई। शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम में गहरी अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।

विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने तृणमूल शासन पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि नगर निगम में प्रभावशाली लोगों की भूमिका के कारण कई परियोजनाओं में पारदर्शिता नहीं रही। उन्होंने इशारों में कहा कि बिना राजनीतिक प्रभाव के किसी भी योजना को मंजूरी मिलना मुश्किल है।

इस दौरान उन्होंने ‘काली’ नाम को लेकर भी टिप्पणी की और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों के बिना नगर निगम में कोई भी योजना आगे नहीं बढ़ती।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर सत्ताधारी दल की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा विवाद बन गया है।

तारातला हादसे को लेकर जहां एक ओर जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा में इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी तीखी बहस होने की संभावना है।

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