कोलकाता : पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के दो साल पुराने मामले में नया मोड़ आया है। पीड़िता के शव का कथित रूप से जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के मामले में पानीहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष को गुरुवार को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया गया। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम उन्हें पश्चिम बंगाल ला रही है। [इंडियन एक्सप्रेस बांग्ला](https://bengali.indianexpress.com/west-bengal/rg-kar-case-nirmal-ghosh-arrested-odisha-hurried-cremation-12256532) और [टीवी9 बांग्ला](https://tv9bangla.com/kolkata/ex-tmc-mla-nirmal-ghosh-arrested-in-rg-kar-case-1339180.html/amp) ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
यह कार्रवाई पीड़िता के पिता द्वारा खारदह थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। निर्मल घोष पर साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और परिवार पर दबाव बनाकर शव का अंतिम संस्कार कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और अदालत में दोष साबित होना बाकी है।
परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार का आरोप
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि 9 अगस्त 2024 को डॉक्टर का शव मिलने के बाद उसका अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया था। परिवार ने दावा किया है कि वह शव को कुछ समय और अपने पास रखना चाहता था, लेकिन उस पर अंतिम संस्कार के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत में निर्मल घोष को कथित रूप से इस प्रक्रिया में शामिल तीन प्रमुख लोगों में बताया गया है।
इससे पहले दर्ज प्राथमिकी में निर्मल घोष के साथ पानीहाटी नगर पालिका के पार्षद सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के एक पड़ोसी संजीव मुखर्जी का नाम भी शामिल किया गया था। प्राथमिकी बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत खारदह पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। [द इंडियन एक्सप्रेस](https://indianexpress.com/article/cities/kolkata/rg-kar-doctor-cremation-probe-nirmal-ghosh-fir-10828452/) के अनुसार नई जांच का केंद्र शव के कथित जल्दबाजी वाले दाह-संस्कार और उससे जुड़ी परिस्थितियां हैं।
 सीबीआई जांच से अलग है नया मामला
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खारदह थाने में दर्ज मामला आरजी कर अस्पताल में हुई बलात्कार और हत्या की मुख्य जांच से अलग है। मुख्य आपराधिक मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रहा है। नई प्राथमिकी में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या अंतिम संस्कार के दौरान जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां तैयार की गईं, जिनसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नुकसान पहुंच सकता था।
पीड़िता के परिवार ने दाह-संस्कार की प्रक्रिया और सहमति से संबंधित दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि संबंधित कागजात पर माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य के बजाय पड़ोसियों के हस्ताक्षर कराए गए थे। सरकारी शुल्क माफ किए जाने और अंतिम संस्कार को प्राथमिकता देकर पूरा कराने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
पुरी के होटल से गिरफ्तारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने निर्मल घोष को ओडिशा के पुरी स्थित एक होटल से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस उनसे अंतिम संस्कार में उनकी कथित भूमिका, संबंधित अधिकारियों से संपर्क और निर्णय लेने की परिस्थितियों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि से जुड़े कार्यक्रम में अंतिम संस्कार की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए अलग मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुलिस कार्रवाई में तेजी आई और पीड़िता के पिता की शिकायत पर नई प्राथमिकी दर्ज की गई।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव 9 अगस्त 2024 को सेमिनार कक्ष में मिला था। जांच में उसके साथ बलात्कार और हत्या की बात सामने आई थी। इस घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों, मेडिकल विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। मुख्य मामले में एक आरोपी को अदालत दोषी ठहरा चुकी है, जबकि इससे जुड़े कानूनी विषय कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित हैं।
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