कोलकाता: भाजपा नेता निसित प्रमाणिक का दावा, ममता बनर्जी खेल रही हैं राजनीति में डबल गेम
Bangal बंगाल: आगामी राजनीतिक संघर्ष को लेकर भाजपा नेता निसित प्रमाणिक ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी राजनीति में डबल गेम खेल रही हैं। एक ओर वे मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर को बाबरी मस्जिद का निर्माण करने की अनुमति दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य में हिंदू समुदाय और सनातन समाज के लोग जब एकजुट होने लगे हैं, तो मुख्यमंत्री को यह खतरा महसूस हो रहा है।
भाजपा नेता ने कहा, “ममता बनर्जी को यह समझना चाहिए कि राज्य में हिंदुओं का संगठन और सनातन समुदाय की एकता किसी राजनीतिक दल के लिए चुनौती बन सकती है। यही वजह है कि वे अब असुरक्षित महसूस कर रही हैं और ऐसा रवैया अपना रही हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की इस नीति से धर्म और सामाजिक संतुलन पर असर पड़ रहा है। निसित प्रमाणिक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदू समाज को संगठित करना आवश्यक है, ताकि सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा की जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ऐसे विवादास्पद फैसलों को जारी रखता है, तो यह राज्य में सामाजिक तनाव बढ़ाने का काम करेगा।
इस बयान के माध्यम से भाजपा ने ममता बनर्जी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए राज्य में धार्मिक और राजनीतिक संदर्भ में सख्त संदेश दिया है। निसित ने कहा कि भाजपा हमेशा हिंदू समाज और सनातन परंपराओं के प्रति कटिबद्ध रही है और आगे भी इसे बढ़ावा देगी।
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की अनुमति को लेकर यह बयान राज्य में पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। कई राजनीतिक और धार्मिक समूह इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। निसित प्रमाणिक का कहना है कि अगर हिंदू समाज संगठित नहीं हुआ, तो राज्य में सामुदायिक मुद्दों पर निर्णय लेने में चुनौती बढ़ सकती है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि यह समय हिंदुओं के लिए एकजुट होने और अपने धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा करने का है। उन्होंने ममता बनर्जी को चेतावनी देते हुए कहा कि धर्म और राजनीति का मिश्रण हमेशा विवाद का कारण बनता है और इसे लेकर जनता और राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल की राजनीतिक पार्टियां और धर्मनिरपेक्ष संगठन इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आने वाले विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच रणनीतिक लड़ाई का केंद्र बन सकता है। राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और धार्मिक एकता को लेकर बढ़ते दबाव के बीच, भाजपा का यह बयान ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठाता है। निसित प्रमाणिक के आरोपों से यह संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे भी राजनीतिक बहस का अहम हिस्सा बन सकते हैं।