Bangal पश्चिम बंगाल। चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रगति का जायजा लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर है। इस दौरे के दौरान, आयोग ने मतदान केंद्र स्तर के अधिकारियों (Booth Level Officers – BLOs) की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
गुरुवार को आयोग की टीम ने अलीपुरद्वार जिले के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AEROs) को कहा कि वे पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान BLOs के कामकाज पर बारीकी से नजर रखें। ECI ने विशेष रूप से यह ध्यान देने को कहा कि BLOs की गतिविधियां पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारू रूप से हो रही हैं और मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी या अनियमितता न हो।
तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ने जिले में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा के लिए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और कहा कि सभी स्तर पर समय पर और सटीक कार्य सुनिश्चित किया जाए। BLOs को मतदाताओं की सूची में नामांकन, संशोधन और हटाए गए नामों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दी गई।
ECI ने यह भी कहा कि मतदाता सूची के हर अपडेट में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है और प्रत्येक BLO को अपने क्षेत्र में किए गए कार्य का रेकॉर्ड बनाए रखना चाहिए। आयोग ने अधिकारियों को बताया कि SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध, सटीक और निष्पक्ष बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में हर मतदाता के अधिकार की रक्षा हो सके।
केंद्रीय टीम ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत या अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जाए और आयोग को सूचित किया जाए। यह कदम मतदाता सूची की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
पश्चिम बंगाल में SIR अभियान में चुनाव आयोग की इस सख्त निगरानी से यह संदेश गया है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है।