कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में एक राजनीतिक अभियान से जुड़े वॉलंटियर के पिता की कथित पिटाई से हुई मौत के मामले ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को पीड़ित परिवार से संपर्क कर घटना पर दुख जताया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के वॉलंटियर शेख अब्दुल हफीज से फोन पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और पार्टी की ओर से समर्थन देने की बात कही।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उनके साथ एकजुटता जताई।
CJP की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, घटना में उसके वॉलंटियर शेख अब्दुल हफीज (25) के पिता जनाब माफिक की मौत हुई है। पार्टी का दावा है कि यह हमला हफीज के एक अभियान से जुड़ा हुआ था, जिसमें वह सरकारी स्कूलों की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी जुटा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, शेख अब्दुल हफीज 13 अगस्त को CJP के "स्कूल ठीक करो" अभियान के तहत बांकुरा जिले के करिसुंडा वेस्ट पारा प्राइमरी स्कूल गए थे। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का पता लगाना और कमियों को सामने लाना था।
CJP का आरोप है कि उसी दिन शाम को कुछ हथियारबंद लोग हफीज के घर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने हफीज पर दबाव बनाया कि वह एक वीडियो रिकॉर्ड कर माफी मांगे। कथित तौर पर उससे यह कहने को कहा गया कि उसने स्कूल की स्थिति को लेकर जो बातें उठाईं, वह किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर की थीं।
पार्टी के अनुसार, जब हफीज ने ऐसा करने से इनकार किया तो हमलावरों ने उसके और उसके पिता जनाब माफिक पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमले में लाठी, लोहे की रॉड और सब्बल जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
हमले के बाद घायल जनाब माफिक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिवार के अनुसार, उनकी हालत गंभीर थी और इलाज के दौरान शनिवार रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। राजनीतिक दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तृणमूल कांग्रेस ने पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आते हुए मामले को गंभीर बताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, CJP ने आरोप लगाया है कि उनके वॉलंटियर को स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाने की वजह से निशाना बनाया गया। पार्टी ने इस मामले में न्याय की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस चल रही है। अलग-अलग राजनीतिक संगठन शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चला रहे हैं।
पुलिस की ओर से अभी तक मामले की विस्तृत जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, घटना को लेकर शिकायत दर्ज किए जाने के बाद जांच शुरू होने की बात कही जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। घटना के पीछे राजनीतिक कारण हैं या कोई अन्य विवाद, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमले के कारण जनाब माफिक की मौत हुई। वहीं, प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
इस घटना के बाद बांकुरा जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दल भी मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा सकते हैं। वहीं, TMC ने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का संदेश दिया है।
फिलहाल पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।