उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में दाखिलों का आंकड़ा बढ़ा, परिणाम 17 दिन में घोषित
17 दिन में परिणाम घोषित कर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने दिखाई तेजी
हल्द्वानी: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में जुलाई 2026 सत्र के दौरान प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 4.05 प्रतिशत बढ़कर 48,444 हो गई है। विश्वविद्यालय ने इस सत्र की परीक्षाएं समाप्त होने के 17 दिनों के भीतर परिणाम घोषित करने का दावा किया है। इसके साथ ही नेपाल के विद्यार्थियों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा परिणाम, प्रवेश प्रक्रिया और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 सत्र की परीक्षाएं 20 जुलाई से 27 अगस्त तक आयोजित की गईं। इसके बाद केंद्रीय मूल्यांकन की प्रक्रिया 13 सितंबर तक पूरी की गई। विश्वविद्यालय के अनुसार, परीक्षा और मूल्यांकन कार्य के बीच समन्वय के चलते परीक्षा समाप्त होने के 17 दिनों के भीतर परिणाम घोषित कर दिए गए। इस सत्र में प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में बनाए गए 80 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं।
केंद्रीय मूल्यांकन में विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के करीब 300 शिक्षकों एवं प्राध्यापकों ने योगदान दिया। इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय और रुहेलखंड विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों के शिक्षक शामिल थे। कुमाऊं विश्वविद्यालय और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने भी मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लिया।
विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 सत्र में कुल 46,558 प्रवेश हुए थे, जबकि जुलाई 2026 सत्र में यह संख्या बढ़कर 48,444 हो गई। इस प्रकार कुल प्रवेश में 1,886 की वृद्धि दर्ज की गई। नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी पिछले वर्ष के 19,277 से बढ़कर इस वर्ष 19,757 हो गई। विश्वविद्यालय ने इसे मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि के रूप में रेखांकित किया।
प्रो. लोहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने नेपाल के विद्यार्थियों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है। इसका उद्देश्य दूसरे क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा के अवसर पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विश्वविद्यालय परिसर में ईज़ी चार्ज के सहयोग से विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है। इसके अलावा हरेला पर्व पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर परिसर को हरित बनाने की पहल की गई।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और सुविधाओं से परिचित कराने के लिए 18 अक्टूबर को हल्द्वानी स्थित मॉडल अध्ययन केंद्र में दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पाठ्यक्रम, अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, परीक्षा प्रक्रिया और शैक्षणिक सहायता सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। बाद में इस कार्यक्रम को अन्य अध्ययन केंद्रों में भी आयोजित करने की योजना है।
विश्वविद्यालय का 21वां स्थापना दिवस 31 अक्टूबर को मनाया जाना प्रस्तावित है, जबकि आगामी दीक्षांत समारोह 18 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में सफल विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
प्रेसवार्ता में कुलसचिव खेमराज भट्ट, वित्त नियंत्रक सूर्यप्रताप सिंह, सीका के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडेय, क्षेत्रीय सेवाओं के निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी, प्रभारी परीक्षा नियंत्रक प्रो. आशुतोष भट्ट और प्रभारी प्रवेश डॉ. सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।