स्वाइन फ्लू के मामले 400 पार डेंगू मलेरिया ने भी बढ़ाई टेंशन
25 नए मरीज मिले आंकड़ा 408 पहुंचा
देहरादून: मौसम में बदलाव और बारिश के बीच देहरादून में संक्रामक और मच्छरजनित बीमारियों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) के 25 नए मरीज सामने आने के बाद कुल मामलों का आंकड़ा 408 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। एक साथ कई बीमारियों के मामले बढ़ने से अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
स्वाइन फ्लू के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की स्थिति पर नजर रख रहा है। अस्पतालों को भी फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के इलाज के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने और गंभीर लक्षणों वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
25 नए केस के साथ आंकड़ा 408
स्वाइन फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अधिकांश मरीज उचित देखभाल से ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है। लक्षण गंभीर होने, सांस लेने में परेशानी या स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए।
डेंगू के मामले भी बढ़े
बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल स्थिति पैदा कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है। कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियों और खुले बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से साफ करना जरूरी है। डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
मलेरिया ने भी बढ़ाई चिंता
डेंगू के साथ मलेरिया के मरीज भी सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ गई है। मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें बुखार, ठंड लगना, पसीना और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। डेंगू और मलेरिया दोनों से बचाव के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना सबसे महत्वपूर्ण उपायों में शामिल है। पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी और उपयुक्त रिपेलेंट का इस्तेमाल भी बचाव में मदद कर सकता है।
अस्पतालों को सतर्क रहने की जरूरत
एक तरफ स्वाइन फ्लू और दूसरी तरफ डेंगू-मलेरिया के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर बुखार के मरीजों में बीमारी की सही पहचान के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग के लिए आने वाले दिनों में निगरानी, जांच और रोकथाम अभियान महत्वपूर्ण रहेंगे। लोगों को भी बुखार या सांस संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।