देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी की व्यवस्था अब पहले से अधिक सख्त और हाईटेक होने जा रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सफारी मार्गों पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य जंगल में अनुशासन बनाए रखना और वन्यजीवों को अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप से बचाना है।
कार्बेट और राजाजी देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक बाघ, हाथी और अन्य वन्यजीवों को देखने यहां पहुंचते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और सफारी नियमों का पालन सुनिश्चित करना वन विभाग के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन गया है।
ड्रोन से सफारी वाहनों पर नजर
नई व्यवस्था में ड्रोन के जरिए जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों और सफारी रूट की निगरानी की जा सकेगी। इससे निर्धारित रास्ते से हटने वाले वाहनों, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश या अन्य नियम उल्लंघन का पता लगाने में मदद मिल सकती है। ड्रोन निगरानी से वन विभाग को बड़े क्षेत्र पर नजर रखने में सुविधा होगी। जरूरत पड़ने पर किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी फील्ड कर्मचारियों तक तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। यह व्यवस्था वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ पर्यटकों की सुरक्षा में भी उपयोगी हो सकती है।
सफारी में मोबाइल फोन रहेगा बैन
जंगल सफारी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का उद्देश्य वन्यजीवों को परेशान करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना है। कई बार पर्यटक तस्वीर या वीडियो बनाने के लिए नियमों की अनदेखी करते हैं। फोन की आवाज, फ्लैश या जानवरों के बेहद करीब जाकर वीडियो बनाने जैसी गतिविधियां वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित कर सकती हैं। मोबाइल प्रतिबंध लागू होने के बाद पर्यटकों को सफारी से पहले फोन जमा कराने या निर्धारित नियमों के अनुसार रखने की व्यवस्था की जा सकती है। इसकी विस्तृत प्रक्रिया आधिकारिक दिशा-निर्देशों में स्पष्ट होगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती
वन विभाग सफारी के दौरान ओवरस्पीडिंग, निर्धारित मार्ग छोड़ने, जानवरों का पीछा करने और अनावश्यक शोर जैसी गतिविधियों पर भी सख्ती बढ़ा सकता है। ड्राइवर और गाइड की जिम्मेदारी होगी कि पर्यटक निर्धारित नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन, चालक, गाइड या पर्यटक के खिलाफ तय प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वन्यजीवों को मिलेगा शांत वातावरण
कार्बेट टाइगर रिजर्व बाघों के लिए प्रसिद्ध है, जबकि राजाजी में हाथियों समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं। पर्यटन से इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है, लेकिन अत्यधिक मानवीय हस्तक्षेप वन्यजीवों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। ड्रोन निगरानी और मोबाइल प्रतिबंध जैसी व्यवस्था के पीछे पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पर्यटकों को सफारी बुक करने से पहले संशोधित नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
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