जौनसार-बावर और चकराता में बारिश का कहर, नदी-नाले उफान पर; कई मार्ग मलबे से बंद
देहरादून: बुधवार देर रात से जारी लगातार मूसलधार बारिश ने जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण क्षेत्र की नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं, वहीं कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से मोटर मार्गों पर यातायात बाधित हो गया है।
लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जगह-जगह पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चकराता और आसपास के इलाकों में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई छोटे-बड़े नदी-नाले तेज बहाव के साथ बह रहे हैं। बरसाती नालों में पानी का स्तर बढ़ने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के कारण कई मोटर मार्गों पर मलबा जमा हो गया है। सड़क बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोग जरूरी कामों के लिए आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मार्गों को खोलने के प्रयास में जुटी हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बारिश के साथ बढ़ जाता है। लगातार बारिश से जमीन कमजोर होने के कारण कई जगहों पर चट्टानें और मिट्टी सड़क पर आ रही है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत पड़ रही है।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क बंद होने वाले स्थानों पर जेसीबी मशीनों के माध्यम से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बंद होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में दिक्कत होती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के पास जाने से भी लोगों को मना किया गया है।
मौसम विभाग की ओर से भी पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती रही है। ऐसे में प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां बढ़ा दी हैं।
जौनसार-बावर क्षेत्र अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण बारिश के दौरान अधिक संवेदनशील माना जाता है। यहां ऊंचे पहाड़, संकरे मार्ग और तेज बहाव वाले नाले लोगों के लिए चुनौती बन जाते हैं।
फिलहाल क्षेत्र में बारिश जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रहा है। बंद पड़े मार्गों को खोलने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बारिश का यह दौर कब तक जारी रहेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मौसम साफ होने के बाद हालात सामान्य होंगे और बंद मार्गों पर यातायात फिर से शुरू हो सकेगा।