देहरादून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से शनिवार को करीब चार घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई। इसी मामले को लेकर ईडी ने हरीश रावत को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था।

शनिवार को हरीश रावत ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। इसके बाद जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे करीब चार घंटे तक सवाल-जवाब किए। पूछताछ मुख्य रूप से वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर हुई। हालांकि ईडी ने पूछताछ के दौरान उनसे कौन-कौन से सवाल किए, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।

वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। अब इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच के क्रम में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को नोटिस भेजा था। नोटिस के बाद शनिवार को वह जांच एजेंसी के सामने पहुंचे।

करीब चार घंटे चली पूछताछ के कारण मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हरीश रावत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ऐसे में भर्ती से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे हुई पूछताछ को लेकर राजनीतिक हलकों में भी नजर बनी हुई है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ईडी की जांच वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से संबंधित है। जांच एजेंसी ने इसी सिलसिले में हरीश रावत को नोटिस जारी किया था। नोटिस में उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया था, जिसके बाद शनिवार को उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ हुई।

ईडी आमतौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोत से संबंधित पहलुओं की जांच करती है। इस मामले में जांच किस स्तर तक पहुंची है और हरीश रावत से पूछताछ में कौन से बिंदु प्रमुख रहे, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

वीपीडीओ भर्ती वर्ष 2016 की है। भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोपों से जुड़े मामले में अब ईडी की जांच के कारण यह विषय फिर सुर्खियों में है। शनिवार को हुई पूछताछ इस जांच की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आई है। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से पूछताछ के बाद किसी नए निष्कर्ष या कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

चार घंटे तक चली पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर हरीश रावत से जानकारी ली। चूंकि मामला भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है, इसलिए जांच एजेंसी उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईडी आने वाले दिनों में हरीश रावत को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाएगी या नहीं। शनिवार की पूछताछ के बाद जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई क्या होगी, इस पर नजर बनी हुई है।

मामले में यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ईडी की पूछताछ जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। केवल पूछताछ किए जाने से किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं होते। वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच एजेंसी तथ्यों और उपलब्ध सामग्री की पड़ताल कर रही है।

उत्तराखंड में भर्ती से जुड़े मामलों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती का मामला भी इन्हीं चर्चित मामलों में शामिल रहा है। अब पूर्व मुख्यमंत्री से ईडी की पूछताछ के बाद यह प्रकरण फिर से चर्चा में आ गया है।

हरीश रावत से करीब चार घंटे तक हुई पूछताछ के दौरान क्या बयान दर्ज किए गए और जांच एजेंसी को उनसे क्या जानकारी मिली, इसका आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूछताछ को लेकर किसी अतिरिक्त निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री से हुई पूछताछ के बाद आगे जांच किस दिशा में बढ़ती है, यह ईडी की आगामी कार्रवाई से स्पष्ट होगा। जांच एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, दस्तावेजों और वित्तीय पहलुओं की पड़ताल कर सकती है। जरूरत पड़ने पर जांच के दायरे में आए लोगों से आगे भी पूछताछ की जा सकती है।

शनिवार को हुई कार्रवाई के बाद वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती से जुड़ा मामला एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा में आ गया है। हरीश रावत जैसे वरिष्ठ नेता से ईडी की चार घंटे की पूछताछ के कारण इस मामले पर नजरें टिक गई हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ईडी ने हरीश रावत को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था और शनिवार को उनसे करीब चार घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। मामला वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है। अब जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई से मामले में नई जानकारी सामने आने की संभावना है।

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