ऋषिकेश। मौसम विभाग के अलर्ट और लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए गंगा नदी में राफ्टिंग गतिविधियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। शनिवार दोपहर तक गंगा में राफ्टिंग का संचालन किया गया, लेकिन इसके बाद राफ्टिंग कंपनियों को नदी में राफ्ट नहीं उतारने के निर्देश दिए गए। मौसम की स्थिति सामान्य होने और प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही राफ्टिंग दोबारा शुरू की जाएगी।

ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार रात से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम को लेकर जारी अलर्ट को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर राफ्टिंग रोकने का निर्णय लिया गया है।

जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी टिहरी एसएस राणा ने बताया कि मौसम के अलर्ट को देखते हुए अगले आदेश तक गंगा में राफ्टिंग पर रोक लगाई गई है। राफ्टिंग से जुड़ी कंपनियों और संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि रोक की अवधि के दौरान नदी में राफ्ट न उतारी जाए।

शनिवार को शुरुआत में राफ्टिंग का संचालन सामान्य रूप से होता रहा। दोपहर तक पर्यटक गंगा में राफ्टिंग करते रहे, लेकिन मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए इसके बाद संचालन बंद करा दिया गया। संबंधित कंपनियों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

खास बात यह है कि इस सीजन में राफ्टिंग की शुरुआत कुछ दिन पहले ही हुई थी। नए राफ्टिंग सीजन के लिए 23 सितंबर को पूजा-अर्चना की गई थी। इसके अगले दिन 24 सितंबर से गंगा में पर्यटकों के लिए राफ्टिंग शुरू कर दी गई थी। राफ्टिंग शुरू होने के बाद पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह था, लेकिन मौसम बिगड़ने के कारण कुछ ही दिनों में गतिविधि को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।

राफ्टिंग शुरू करने से पहले गंगा के पानी और नदी की परिस्थितियों का सर्वे किया गया था। सर्वे में पानी को राफ्टिंग के लिए अनुकूल पाए जाने के बाद ही संचालन की अनुमति दी गई थी। इसके बाद निर्धारित स्थानों से राफ्टिंग शुरू हुई और पर्यटक भी इसमें शामिल होने लगे थे।

हालांकि शुक्रवार रात से ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बदलने लगा। रुक-रुक कर हो रही बारिश और मौसम संबंधी अलर्ट के कारण नदी में साहसिक गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद शनिवार दोपहर से राफ्टिंग रोकने का फैसला लिया गया।

गंगा में राफ्टिंग ऋषिकेश की प्रमुख साहसिक पर्यटन गतिविधियों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश पहुंचते हैं। राफ्टिंग के नए सीजन का इंतजार स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के साथ पर्यटकों को भी रहता है। ऐसे में सीजन शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद राफ्टिंग बंद होने से गतिविधियां फिलहाल प्रभावित हुई हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता पर्यटकों और राफ्टिंग से जुड़े लोगों की सुरक्षा है। खराब मौसम के दौरान नदी के जलस्तर और बहाव में बदलाव की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए मौसम अलर्ट के दौरान राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के संचालन में अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है।

जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि फिलहाल राफ्टिंग दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है। मौसम की स्थिति और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

राफ्टिंग कंपनियों को भी निर्देशों का पालन करते हुए पर्यटकों को नदी में नहीं उतारने को कहा गया है। जिन पर्यटकों ने आने वाले दिनों में राफ्टिंग की योजना बनाई है, उन्हें भी मौसम और प्रशासन की ओर से जारी होने वाली अगली सूचना का इंतजार करना होगा।

कुछ दिन पहले किए गए सर्वे में गंगा का पानी राफ्टिंग के अनुकूल पाया गया था। इसी आधार पर 24 सितंबर से राफ्टिंग गतिविधियां शुरू हुई थीं। नए सीजन की शुरुआत से पहले पूजा-अर्चना के बाद राफ्टिंग संचालकों ने तैयारियां पूरी कर ली थीं। इसके बाद विभिन्न स्थानों से पर्यटकों के लिए राफ्टिंग शुरू की गई थी।

लेकिन मौसम में अचानक हुए बदलाव ने राफ्टिंग के संचालन को प्रभावित कर दिया। शुक्रवार रात से बारिश का सिलसिला शुरू होने के बाद शनिवार को भी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम अलर्ट को देखते हुए किसी तरह का जोखिम नहीं लेने का फैसला किया गया।

फिलहाल राफ्टिंग से जुड़े कारोबारियों और पर्यटकों को मौसम सामान्य होने का इंतजार करना होगा। संबंधित अधिकारी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। परिस्थितियां अनुकूल होने और सुरक्षा संबंधी स्थिति की समीक्षा के बाद राफ्टिंग दोबारा शुरू करने को लेकर आदेश जारी किया जाएगा।

तब तक गंगा में राफ्टिंग पूरी तरह बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक किसी भी राफ्टिंग कंपनी को गंगा में राफ्ट उतारने की अनुमति नहीं होगी। खराब मौसम को देखते हुए लिया गया यह फैसला पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है।

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