हल्द्वानी। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों का औपचारिक आगाज कर दिया है। हल्द्वानी में आयोजित विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी लक्ष्य और रणनीति का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि से पूरे देश में जीत का संदेश जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जहां पार्टी को आगामी चुनाव के लिए पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया, वहीं कांग्रेस पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड भाजपा के लिए केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वैचारिक और संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण भूमि है। यहां भाजपा की जीत का असर व्यापक राजनीतिक संदेश के रूप में जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए और केंद्र तथा राज्य सरकार की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाया जाए।
चुनावी लक्ष्य के साथ चुनौतियों का भी जिक्र
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में केवल सत्ता में होने के आधार पर जीत हासिल नहीं होती, बल्कि संगठन की मजबूती और जनता से निरंतर संवाद जरूरी है। प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बूथ स्तर पर सक्रिय रहना होगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को विपक्ष के राजनीतिक प्रचार और आरोपों का तथ्यात्मक तरीके से जवाब देने की भी नसीहत दी। उनका कहना था कि भाजपा को जनता के बीच सरकार के कामकाज और विकास कार्यों के साथ पहुंचना है। कार्यकर्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क बढ़ाने और उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
कांग्रेस पर निशाना, खरगे और राहुल गांधी को घेरा
हल्द्वानी में शुद्धीकरण मामले को लेकर भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर राजनीतिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मुद्दों को हवा देने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी हमला बोला। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं को भ्रमित करने और देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति लगातार विभाजन पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन उत्तराखंड की जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता से है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विभाजनकारी राजनीति के जरिए देवभूमि की पहचान और सम्मान को प्रभावित नहीं किया जा सकता।
धामी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का संदेश
प्रदेश कार्यसमिति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज को भी चुनावी रणनीति का प्रमुख आधार बनाने पर जोर दिया गया। पार्टी का प्रयास है कि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को केवल प्रचार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके लाभार्थियों और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया जाए।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि उत्तराखंड में सरकार के स्तर पर किए गए फैसलों को चुनावी मुद्दे के रूप में प्रभावी ढंग से जनता के सामने रखा जा सकता है। रोजगार, निवेश, महिला सशक्तीकरण, पर्यटन, बुनियादी ढांचा, कानून-व्यवस्था और राज्य के विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता देने की रणनीति पर पार्टी आगे बढ़ सकती है।
2027 में 60 प्लस का लक्ष्य
भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। 70 सदस्यीय विधानसभा में 2022 के चुनाव में भाजपा ने 47 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में 60 प्लस तक पहुंचने के लिए पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार करना होगा।
इसके लिए भाजपा की नजर उन 23 विधानसभा सीटों पर भी है, जहां पिछले चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था। इन सीटों पर संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारने की रणनीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और कोर कमेटी के सदस्य इन क्षेत्रों में प्रवास कर स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता से संवाद करेंगे।
बूथ को मजबूत करने पर विशेष जोर
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन की रीढ़ माने जाने वाले बूथ स्तर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। पार्टी की रणनीति है कि चुनाव से काफी पहले बूथ समितियों को सक्रिय किया जाए और प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की जाए।
भाजपा के लिए उत्तराखंड में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के अलग-अलग राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे मुद्दे अहम हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में रोजगार, कानून-व्यवस्था, शहरी विकास और स्थानीय समस्याएं चुनावी विमर्श को प्रभावित कर सकती हैं।
कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र
नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं से चुनाव तक लगातार जनता के बीच रहने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति पर जोर दिया।
हल्द्वानी की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से भाजपा ने यह संकेत देने की कोशिश की कि 2027 का विधानसभा चुनाव अब पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल हो चुका है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का भाषण जहां कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने वाला रहा, वहीं कांग्रेस पर उनके हमलों ने आगामी चुनाव के संभावित राजनीतिक विमर्श की झलक भी दे दी।
भाजपा अब सरकार की उपलब्धियों, संगठन की ताकत और विपक्ष पर राजनीतिक हमले के सहारे चुनावी मैदान तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं 60 प्लस का लक्ष्य पार्टी के लिए आसान नहीं होगा। 2022 की 47 सीटों से आगे बढ़ने के लिए भाजपा को अपनी जीती सीटें बचाने के साथ उन क्षेत्रों में भी सेंध लगानी होगी, जहां कांग्रेस या अन्य दलों का प्रभाव कायम है।
हल्द्वानी से शुरू हुआ यह चुनावी अभियान आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति को और अधिक सक्रिय करने वाला है। अब पार्टी की असली परीक्षा इस बात की होगी कि कार्यसमिति में तय रणनीति को वह कितनी प्रभावी ढंग से जमीन पर उतार पाती है और 2027 में 60 प्लस के लक्ष्य को जीत में बदल पाती है।