New Tehri: खुशियों के मौके पर पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दें: जड़धारी
हर खुशी के मौके पर पौधा लगाने की जड़धारी ने दी सलाह
नई टिहरी: उत्तरांचल उत्थान परिषद देहरादून और हितायु लोक कल्याण समिति नागणी के संयुक्त तत्वावधान में मां सुरकंडा जूनियर हाईस्कूल नागणी और अन्नपूर्णा फूड एंड क्राफ्ट संस्थान चंबा में हिमालय दिवस धूमधाम से मनाया गया। उपस्थित लोगों ने हिमालय संरक्षण का संकल्प लिया। बुधवार को नागणी में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हिमालय हमारा भाल है।
मुख्य अतिथि बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता और इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार विजेता विजय जडधारी ने कहा कि विद्यार्थी अपने गांव और घर के आसपास सफाई रखें। पानी को दूषित न करें, हर खुशी के मौके पर एक जरूर पेड़ लगाएं। रोपित पेड़ की देखभाल की जिम्मेदारी लें। गीले और सूखे कूड़े का ठीक से निस्तारण करें। प्रकृति प्रदत्त पर्यावरण और जंगल है उसकी भी रक्षा करें। इन सभी बातों पर ध्यान देंगे तो निश्चित तौर पर हिमालय पर मंडराते खतरों को कम किया जा सकता है। हिमालय दिवस पर निबंध प्रतियोगिता में आर्यन प्रथम, शिवानी द्वितीय और आरव तृतीय रहे।
इस मौके पर समिति के सचिव दिवाकर पैन्यूली, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जडधारी, प्रधानाध्यापक आरएल बहुगुणा, नरेश चंद्र बहुगुणा, अंजलि तिवारी मौजूद थे। इधर, अन्नपूर्णा फूड एंड क्राफ्ट संस्थान चंबा में संगोष्ठी में मुख्यवक्ता शिक्षाविद् सोमवारी लाल सकलानी ने हिमालय की उत्पत्ति, समय-समय पर इसके बनते-बिगड़ते स्वरूप व महत्व पर प्रकाश डाला। कहा टैथिज महासागर के स्थान पर हिमालय अस्तित्व में आया। हिमालय दिवस की प्रासंगिकता पर कहा कि हिमालय जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत उपयोगी है। सदानीरा नदियों का उद्गम स्थल, हिमानियों का स्रोत,वन और जैव विविधता क्षेत्र है। भारतवर्ष का प्रहरी और संरक्षक है। इस मौके पर राघव रमोला, संजय जलंधरी, भरत, पंकज मौजूद थे।