ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, प्रभावित किसानों को मुआवजे के निर्देश
किसानों की मदद के लिए ओलावृष्टि से प्रभावित संपत्तियों का आकलन
देहरादून: उत्तराखंड में नौ अक्टूबर को भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों तथा अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को तत्काल सर्वेक्षण कराकर राहत वितरण की कार्रवाई प्राथमिकता से करने को कहा है।
मंत्री कौशिक ने इस संबंध में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन को पत्र भेजकर प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और नुकसान झेलने वाले किसानों और परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
निर्देशों के अनुसार,नुकसान का आकलन केवल कृषि फसलों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें जनहानि, पशुधन, आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों को हुई क्षति का भी विवरण जुटाया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वेक्षण कर वास्तविक नुकसान का आकलन करने को कहा गया है।
सचिव आपदा प्रबंधन के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें नौ अक्टूबर को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों, जन-धन और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का संबंधित विभागों के माध्यम से आकलन कराने को कहा गया है।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जिलाधिकारियों को सर्वेक्षण के दौरान प्रभावित परिवारों और व्यक्तियों का विवरण संकलित करने और निर्धारित मानकों के अनुसार राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।