देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंधारी की आत्महत्या के मामले ने लोगों को झकझोर दिया है। शादी के करीब आठ महीने बाद बुधवार को हुई इस घटना के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में शिक्षिका भावुक होकर अपनी परेशानियों का जिक्र करती हुई नजर आ रही हैं और कथित तौर पर ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगा रही हैं।
सृष्टि कंधारी ने वीडियो संदेश में कहा, "और सहा ही नहीं जाता"। उनके इन शब्दों के बाद वीडियो में वह अपनी पीड़ा व्यक्त करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना के बाद सृष्टि के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने उनके पति, सास और ननद के खिलाफ केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, सृष्टि कंधारी सरकारी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। उनकी शादी को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें ससुराल पक्ष की ओर से मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सृष्टि ने कथित तौर पर अपनी परेशानी और भावनात्मक स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों तक उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया और उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। वीडियो में उन्होंने कहा कि ससुराल पक्ष की सोच में बदलाव नहीं आया।
हालांकि, मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि वीडियो, परिवार के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सृष्टि की मौत की खबर के बाद उनके परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी को खुशहाल जीवन की उम्मीद के साथ विदा किया था, लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद ऐसी घटना ने उन्हें तोड़ दिया।
महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस तरह के कदम उठाना बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति की शिकायतों को समय रहते गंभीरता से लेना और परिवार व समाज की ओर से सहयोग देना जरूरी होता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्महत्या के मामलों में हर पहलू की जांच की जाती है। इसमें मृतक के आखिरी संदेश, वीडियो, फोन रिकॉर्ड, पारिवारिक संबंध और अन्य परिस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत सृष्टि कंधारी मामले की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर शादी के बाद महिलाओं को होने वाली मानसिक परेशानियों और घरेलू विवादों पर चर्चा शुरू कर दी है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को समय रहते सहायता और कानूनी जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि गंभीर परिस्थितियों को रोका जा सके।
पुलिस ने बताया कि दर्ज मामले के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सृष्टि कंधारी का वायरल वीडियो मामले का अहम हिस्सा बना हुआ है। पुलिस इसकी सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है। वहीं, परिवार न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जता रहा है।
देहरादून की इस घटना ने लोगों के बीच यह सवाल भी खड़ा किया है कि घरेलू और मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहे लोगों तक समय रहते मदद कैसे पहुंचाई जाए। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।