सीएम ने जेन जी छात्रों से किया संवाद, युवाओं ने मेट्रो से लेकर पर्यावरण तक रखे सुझाव

Update: 2026-08-11 03:56 GMT

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यू कैंट रोड स्थित सरकारी आवास-मुख्य सेवक सदन में जेन जी छात्रों के साथ संवाद कर उनके विचार और सुझाव सुने। दून के अलग-अलग स्कूलों से पहुंचे 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ खुलकर बातचीत की और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से कई सवाल किए और उनके जवाबों के साथ-साथ उनके सुझाव भी सुने।

कार्यक्रम का माहौल औपचारिक होने के बजाय संवादात्मक रहा। मुख्यमंत्री ने युवाओं को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर दिया। छात्रों ने भी बिना झिझक अपने विचार सामने रखे। किसी छात्र ने एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई तो किसी ने राजधानी में मेट्रो की जरूरत पर बात की। कुछ छात्रों ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कही, जबकि पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों को बचाने के सुझाव भी सामने आए।

एक दिन का सीएम बनने की इच्छा

संवाद के दौरान जब छात्रों के विचार और उनकी आकांक्षाओं पर चर्चा हुई तो एक छात्र ने खुद को एक दिन के लिए मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार बताया। छात्र की इस इच्छा पर संवाद का माहौल और भी रोचक हो गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं की सोच और उनके सपनों को समझने की कोशिश की।

इस दौरान छात्रों ने यह भी बताया कि यदि उन्हें नीति-निर्माण में भूमिका मिले तो वे किन मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। युवाओं के जवाबों में शिक्षा, परिवहन, कानून-व्यवस्था और पर्यावरण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इससे यह भी सामने आया कि स्कूली स्तर के छात्र राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक हैं।

मेट्रो को लेकर छात्रों ने रखी बात

संवाद के दौरान कुछ छात्रों ने देहरादून में मेट्रो की जरूरत का मुद्दा उठाया। उन्होंने शहर में बढ़ती आवाजाही और यातायात की समस्या के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता बताई। छात्रों का मानना था कि आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था से लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।

युवाओं की ओर से उठाए गए इस मुद्दे ने शहर के भविष्य के विकास और परिवहन व्यवस्था को लेकर उनकी सोच को सामने रखा। छात्रों ने अपनी बात रखते हुए शहर की जरूरतों के अनुरूप परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

कानून-व्यवस्था पर भी सुझाव

संवाद में कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी छात्रों की प्राथमिकताओं में शामिल रहा। कुछ छात्रों ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत बताई। युवाओं ने कहा कि सुरक्षित वातावरण शिक्षा, रोजगार और विकास के लिए जरूरी है।

छात्रों की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर दिए गए सुझावों को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना। संवाद का उद्देश्य भी यही था कि युवा अपने आसपास की समस्याओं और राज्य के भविष्य को लेकर अपनी सोच सरकार तक सीधे पहुंचा सकें।

पेड़ों को नहीं काटने की अपील

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी छात्रों ने अपनी चिंता जाहिर की। एक छात्र ने पेड़ों को नहीं काटने का सुझाव दिया। छात्र के इस सुझाव से यह स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी विकास के साथ पर्यावरण संतुलन को भी महत्वपूर्ण मानती है।

छात्रों ने प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए हरित क्षेत्र को बचाने और पेड़ों के संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया। देहरादून जैसे प्राकृतिक वातावरण वाले शहर में पर्यावरण संरक्षण युवाओं के लिए अहम विषय बना हुआ है।

सीएम ने सुनी युवाओं की सोच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद के दौरान उनके सवालों और सुझावों को ध्यान से सुना। उन्होंने युवाओं की सोच, उनकी प्राथमिकताओं और भविष्य को लेकर उनकी अपेक्षाओं को समझने की कोशिश की। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों को मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।

11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के इस संवाद में उनके विचारों में विविधता दिखाई दी। कुछ छात्र विकास और आधुनिक सुविधाओं पर बात कर रहे थे तो कुछ कानून-व्यवस्था और पर्यावरण जैसे सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे थे। एक छात्र ने नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने की इच्छा भी व्यक्त की।

युवाओं की भागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का संवाद छात्रों को शासन और सार्वजनिक नीतियों की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। इससे छात्रों को अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला। वहीं सरकार को भी युवा पीढ़ी की सोच और उनकी प्राथमिकताओं को समझने का मौका मिला।

कार्यक्रम में सामने आए सुझावों से यह संकेत मिला कि युवा केवल शिक्षा और करियर तक सीमित मुद्दों पर ही नहीं सोच रहे, बल्कि शहर की परिवहन व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण और शासन व्यवस्था जैसे व्यापक विषयों को लेकर भी उनकी स्पष्ट राय है।

मुख्यमंत्री के साथ हुए संवाद में छात्रों ने जिस तरह खुलकर अपने विचार रखे, उससे कार्यक्रम का उद्देश्य भी सार्थक होता दिखाई दिया। मेट्रो की मांग से लेकर पेड़ों के संरक्षण और कानून-व्यवस्था तक छात्रों ने अपने-अपने नजरिए से राज्य के विकास की तस्वीर सामने रखी। वहीं एक दिन का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताने वाले छात्र ने युवाओं में नेतृत्व को लेकर उत्साह भी प्रदर्शित किया।

कुल मिलाकर, मुख्य सेवक सदन में हुआ यह संवाद नई पीढ़ी की सोच और उनकी प्राथमिकताओं को सामने लाने वाला रहा। मुख्यमंत्री ने छात्रों की बातें सुनीं और युवाओं को अपनी राय रखने का मंच मिला। कार्यक्रम में शिक्षा से लेकर विकास, परिवहन, कानून-व्यवस्था और पर्यावरण तक कई मुद्दों पर छात्रों की आवाज सुनाई दी।

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